उक्रांद ने कहा राज्य आंदोलनकारियों का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान हुए मसूरी कांड की 32वीं पुण्यतिथि पर उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। पश्चिमी झंडीचौड़ स्थित भरत चौक में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने दीये जलाकर आंदोलनकारियों को नमन किया। इस दौरान शहीदों के सपनों का उत्तराखंड बनाने के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया।

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पृथक राज्य की मांग को लेकर आंदोलनकारियों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उनके बलिदान और योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। वक्ताओं ने कहा कि एक सितंबर के खटीमा कांड और दो सितंबर के मसूरी कांड की घटनाएं उत्तराखंड के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय हैं। सरकार को इन दिवसों पर केवल शहीदों के स्मारकों पर माल्यार्पण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रदेशभर में सरकारी कार्यालयों और विद्यालयों में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित कर नई पीढ़ी को राज्य आंदोलन के इतिहास से अवगत कराना चाहिए। उक्रांद के केंद्रीय सलाहकार समिति सदस्य महेंद्र सिंह रावत, केंद्रीय उपाध्यक्ष सत्यप्रकाश भारद्वाज, संगठन सचिव सत्यपाल सिंह नेगी, प्रचार सचिव उमेद सिंह भंडारी व रविंद्र सौंद, नगर अध्यक्ष भारत मोहन काला, जिलाध्यक्ष सैनिक प्रकोष्ठ नरेश धस्माना, देवेंद्र रावत, गणेश रावत और गोवर्धन काला ने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर कृपाल सिंह गुसाईं, हरीश बहुखंडी, दलवीर सिंह, राजेंद्र सिंह, रमेश, सीमा बिष्ट, विनीता देवी, पुष्पा मेहरा, दीपा अधिकारी और लक्ष्मी नेगी समेत कई कार्यकर्ता व क्षेत्रवासी मौजूद रहे।