जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : बरसात ने कोटद्वार-दुगड्डा के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवाजाही को जोखिम भरा बना दिया है। चूनाधारा के समीप पहाड़ी दरकने से हाईवे पर लगातार मलबा और बोल्डर गिर रहे हैं। पिछले दो दिनों से पहाड़ी से रुक-रुककर पत्थर और मलबा सड़क पर आने से इस स्थान पर दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।

कोटद्वार-दुगड्डा के मध्य राष्ट्रीय राजमार्ग का सफर बरसात में पहले से ही चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। मार्ग के कई हिस्सों में पहाड़ियों से मलबा और पत्थर सड़क पर आ रहे हैं, जबकि कुछ स्थानों पर खोह नदी के कटाव से हाईवे प्रभावित हो रहा है। इसी बीच चूनाधारा के आसपास भूस्खलन की गतिविधियां बढ़ने से यहां नया संवेदनशील क्षेत्र बन गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार चूनाधारा और आसपास की पहाड़ियों से बारिश के दौरान बड़ी मात्रा में मलबा नीचे खिसक रहा है। कई बार भारी बोल्डर अचानक पहाड़ी से लुढ़ककर सड़क पर आ जाते हैं। ऐसे में हाईवे से गुजरने वाले दोपहिया और छोटे वाहनों के साथ ही बड़े वाहनों के लिए भी खतरा बना हुआ है। पहाड़ी से अचानक गिरने वाले पत्थरों की चपेट में आने से कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है। हालांकि, राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की ओर से मलबा हटाने के लिए मौके पर जेसीबी तैनात की गई है और सड़क पर आने वाले मलबे को हटाया जा रहा है। बावजूद इसके पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो पा रही है। वाहन चालकों का कहना है कि बरसात के दौरान चूनाधारा के समीप विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने संबंधित विभाग से भूस्खलन प्रभावित हिस्से का स्थायी उपचार कराने तथा बोल्डर गिरने वाले स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है, ताकि बारिश के दौरान किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।