जंतर-मंतर पर रेप-हत्या और लूट वाले 989 अपराधियों की हुई थी घुसपैठ, हुई पहचान, पुलिस ने शुरू की तलाश

Spread the love

नई दिल्ली,राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों की मौजूदगी का मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि प्रदर्शन में शामिल 2,873 संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की गई है, जिनमें से 989 लोगों के विरुद्ध गंभीर आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं। इनकी पहचान निगरानी कैमरों के दृश्य, सामाजिक माध्यमों पर उपलब्ध वीडियो तथा चेहरा पहचान प्रणाली की सहायता से की गई है। पुलिस अब इन सभी की तलाश में जुट गई है।
पुलिस के अनुसार, जिन 989 व्यक्तियों की पहचान की गई है, उनमें हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, लूटपाट, बलात्कार, महिलाओं के विरुद्ध अपराध, शस्त्र अधिनियम के उल्लंघन, अपहरण, छीनाझपटी तथा मादक पदार्थों से जुड़े मामलों के आरोपी शामिल हैं।
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, पहचाने गए व्यक्तियों में 101 के विरुद्ध हत्या, 62 के विरुद्ध हत्या के प्रयास, 284 के विरुद्ध डकैती और लूटपाट, 61 के विरुद्ध बलात्कार, 6 के विरुद्ध लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 25 के विरुद्ध महिलाओं के खिलाफ अपराध, 229 के विरुद्ध शस्त्र अधिनियम, 135 के विरुद्ध छीनाझपटी, 19 के विरुद्ध अपहरण तथा 67 के विरुद्ध मादक पदार्थों से संबंधित मुकदमे दर्ज हैं।
जांच के दौरान पुलिस ने संसद परिसर के आसपास तथा जंतर-मंतर क्षेत्र में लगे लगभग 100 निगरानी कैमरों के दृश्य और सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित वीडियो का विस्तृत विश्लेषण किया। इन दृश्यों का मिलान विभिन्न जिला पुलिस इकाइयों तथा अन्य एजेंसियों के आपराधिक अभिलेखों से चेहरा पहचान प्रणाली के माध्यम से किया गया।
पुलिस ने संदिग्धों की पहचान के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्मार्ट चश्मों का भी उपयोग किया। इन चश्मों में चेहरा पहचान, वीडियो विश्लेषण और तापीय चित्रांकन जैसी उन्नत तकनीकें उपलब्ध हैं, जिनकी सहायता से संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की गई।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, जिला पुलिस इकाइयों ने इस मामले से जुड़े 216 आपराधिक प्रकरणों की जांच भी की है। इनमें सर्वाधिक 26 मामले पश्चिमी जिले से संबंधित हैं। पुलिस का कहना है कि कई पहचाने गए व्यक्तियों के विरुद्ध एक से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
फिलहाल पुलिस प्रत्येक संदिग्ध की भूमिका की अलग-अलग जांच कर रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि वे प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं में प्रत्यक्ष रूप से शामिल थे या फिर यह किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा था। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *