डीएम ने एसडीएम पौड़ी को सौंपी मामले की जांच
जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : आबकारी विभाग की कार्रवाई से आक्रोशित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति एस भदोरिया से मुलाकात की। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच करने, आबकारी विभाग के छापामार दल को बर्खास्त करने और सोर्स को सार्वजनिक करने की मांग की। जिलाधिकारी ने मामले की जांच के आदेश दे दिये है। मामले की जांच एसडीएम पौड़ी को सौंपी गई है।

मामला कल्जीखाल ब्लाक के दिवई गांव का है जहां किसी के कहे सुने पर आबकारी विभाग उस युवा के घर पर छापा मार देता है जो छ: साल से देहरादून रह रहा है। घर पर उसके बूढे़ मां बाप को धमकाया जाता है, अन्य परिजनों के घर के ताले तोडे़ जाते हैं, लेकिन उनके हाथ लगता कुछ नहीं है। इस कार्रवाई से आक्रोशित ग्रामीण सोमवार को जिलाधिकारी पौड़ी से मिलने पहुंचे। ग्रामीणों ने पूरे मामले की जानकारी डीएम को दी। ग्रामीणों ने बताया कि बिना सर्च वारंट और बिना आईडी के आबकारी विभाग की टीम गांव पहुंच गई, विरोध करने पर युवक के माता-पिता और चचेरी बहन को धमकाया गया और उनके फोन छीन लिये गये। जिस पर डीएम ने नाराजगी जताई। ग्राम प्रधान अनुसूया देवी के नेतृत्व में आए ग्रामीणों ने आबकारी विभाग के छापामार दल को बर्खास्त करने और सोर्स को सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी ठेकों मेें जहां ओवर रेट शराब बिक रही और शराब की तस्करी हो रही है उनके खिलाफ तो कोई कार्रवाई नहीं हो रही है तथा जिनका शराब के कारोबार से कोई लेना-देना नहीं है उनके खिलाफ कार्रवाई हो रही है। जिलाधिकारी गढ़वाल ने मामले की जांच के आदेश दे दिए है। एसडीएम पौड़ी इस प्रकरण की जांच करेंगी। डीएम ने भी सख्त कार्रवाई का भरोसा ग्रामीणों को दिया है। ग्रामीणों ने भी तत्काल न्यायिक कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रतिनिधि मंडल में पूर्व जिला पंचायत सदस्य संजय डबराल, पूर्व कनिष्ठ प्रमुख अर्जुन पटवाल, अजय पटवाल, रविंद्र बिष्ट, उमाशंकर रावत आदि शामिल थे।