पिथौरागढ़ । जिले में मानसूनी बारिश ने आफत फैलाई है। बारिश के बाद चीन सीमा को जोड़ने वाले धारचूला-तवाघाट, सोबला-दर-तिदांग और थल-मुनस्यारी हाईवे मलबा और बोल्डर गिरने से आठ घंटे तक बंद रहे। आदि कैलाश, मानसरोवर के साथ ही चीन सीमा को जोड़ने वाला तवाघाट-गुंजी मार्ग पर आवाजाही शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में व्यास घाटी के गुंजी, छियालेख, नजंग, बूंदी, गर्बांग आदि गांवों का संपर्क पूरी तरह कटा है। वहीं 23 ग्रामीण सड़कों पर भी आवाजाही ठप होने से बड़ी आबादी दुश्वारियां झेलने के लिए मजबूर है।
धारचूला-तवाघाट और सोबला-दर-तिदांग हाईवे पर आवाजाही शुरू होने से दारमा घाटी के लोगों को राहत मिली। तवाघाट-गुंजी सड़क मलघाट, कूलागाड़ में भारी मात्रा में बोल्डर गिरने से बंद है इससे दोनों तरफ सैकड़ों वाहन और यात्री फंसे हैं। व्यास घाटी में आयोजित होने वाले मेले में जाने वाले लोग सड़क खुलने का इंतजार कर रहे हैं। सबसे अधिक दिक्कत ग्रामीण सड़कों के बंद होने से हो रही है।
जिले में 23 ग्रामीण सड़कों पर आवाजाही ठप है इससे 25 हजार से अधिक की आबादी को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। होकरा-नामिक सड़क के बंद होने से क्षेत्र के गांवों में राशन, फल, सब्जी सहित अन्य सामान की आपूर्ति नहीं हो रही है। नामिक के प्रधान सुरेश राम ने बताया कि स्थानीय दुकानों में सामान खत्म हो गया है। ऐसे में ग्रामीण पैदल सफर कर नाचनी बाजार पहुंच रहे हैं और पीठ पर सामान ढोकर घर पहुंचाने के लिए मजबूर हैं।
उन्होंने बताया कि बीते सोमवार गांव की दुर्गा देवी की तबीयत बिगड़ गई थी। सड़क बंद होने से उन्हें हाथ पकड़कर कुणा रौली नाला पार कराया। तब जाकर उन्हें तीन किलोमीटर पैदल चलकर अस्पताल पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि जल्द सड़क नहीं खुली तो दिक्कत और बढ़ेगी।
नापड़ के प्रधान दीपक चुफाल ने बताया कि नामिक, नापड़ सहित आसपास के गांवों में कई गर्भवतियों के अल्ट्रासाउंड होने हैं। सड़क बंद होने से वे जांच के लिए अस्पताल नहीं जा पा रही हैं। आपदाकाल से पहले बंद सड़कों को जल्द खोलने के दावे किए गए थे जो हवाई साबित हुए हैं।
खेतों में सड़ रही है सब्जी
बंगापानी में आलम-दारमा और मवानी दवानी-मदरमा सड़क बंद होने से ग्रामीण गांवों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। मदरमा के दुर्गा सिंह, दारमा के चंद्र सिंह धामी, चंचल सिंह धामी ने बताया कि बैंगन, शिमला मिर्च की पैदावार खूब हुई है। सड़क बंद होने से इन सब्जियों को बंगापानी, मदकोट बाजार नहीं पहुंचा पा रहे हैं और ये खेतों में सड़ रही है। सभी ग्रामीणों को इसका नुकसान झेलना पड़ रहा है। मदरमा की प्रधान भावना देवी ने जल्द सड़कों को खोलने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि सड़क बंद होने से किसान दूध सहित अन्य उत्पादों को बाजार नहीं पहुंचा पा रहे हैं और उनके लिए राशन सहित अन्य सामग्री का बंदोबस्त करना भी मुश्किल हो रहा है।