नईदिल्ली, थाईलैंड के फुकेत से दिल्ली आ रहे एयर इंडिया की जो उड़ान अचानक हवा में 300 फीट नीचे गिर गई थी, उसको लेकर नई जानकारी सामने आई है।
सूत्रों ने बताया कि घटना वाले दिन विमान उड़ान के दौरान कई तकनीकी खामियों का शिकार हुआ था, जिनमें 3 हाइड्रोलिक विफलताएं, ऑटो-पायलट का डिस्कनेक्शन और अन्य तकनीकी कारण शामिल हैं। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) मामले की जांच कर रहा है। हादसे में 17 यात्री घायल हुए थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, उड़ान के दौरान ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट हो गया, जिसके बाद सह-पायलट ने मैन्युअल नियंत्रण संभाला था।
इसके कुछ ही देर बाद, उड़ान नियंत्रण में स्टॉल का संदेश दिखाई दिया। विमान में अन्य तकनीकी और यांत्रिक समस्याओं के साथ-साथ मची हलचल के कारण कई संकेतक स्विच भी कुछ समय के लिए बंद हो गए।
विमान के हाइड्रोलिक सिस्टम भी अचानक फेल हो गए थे, जो उड़ान नियंत्रण सहित कई कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है।
फुकेत से 4 अगस्त को रवाना हुई एयर इंडिया की उड़ान एआई-2379 को मंगलवार सुबह 11:15 बजे दिल्ली पहुंचना था।
यात्रा शुरू होने के 90 मिनट बाद अचानक विमान डगमगाया और 300 फीट नीचे गिर गया, जिससे यात्रियों को तगड़े झटके लगे। विमान करीब 2-3 मिनट तक भयानक टर्बुलेंस में फंसा रहा।
विमान में 137 यात्री और 8 चालक दल सदस्य सवार थे, जिनमें 13 यात्री और चालक दल के 4 सदस्य विमान में इधर-उधर टकराने से घायल हो गए।
घटना के बाद विमान के दिल्ली पहुंचने पर पायलट का साइकोएक्टिव सब्सटेंस (डोप) टेस्ट किया गया, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 9 अगस्त को कहा था कि प्रारंभिक जांच में ऐसे परिणाम सामने आने के बाद पायलट का पुष्टिकरण परीक्षण किया गया, जिसके लिए आगे विश्लेषण की आवश्यकता है।
अटकलें लगाई जा रही है कि क्या घटना में पायलट के नशे की भूमिका हो सकती है?
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) मामले की जांच कर रहा है।