चार धाम यात्रा: यात्रा के साथ लोकल रूटों पर भी हो वाहनों का संचालन

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सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने ली जीएमओयू के पदाधिकारियों व वाहन चालकों की बैठक
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : चार धाम यात्रा को देखते हुए सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी पंकज श्रीवास्तव व परिवहन निरीक्षक (प्राविधिक) प्रदीप रौथाण ने गुरुवार को जीएमओयू के पदाधिकारियों व वाहन चालकों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने चार धाम यात्रा के साथ ही लोकल रूटों पर भी वाहनों के संचालन को लेकर सामंजस्य बनाने को कहा। कहा कि लोकल रूटों पर लोगों को कोई दिक्कत न हो इसका पूरा ध्यान रखा जाए।
जीएमओयू के कार्यालय में आयोजित बैठक में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने कहा कि चार धाम यात्रा के लिए अब ग्रीन कार्ड छह माह अर्थात 30 नवंबर तक मान्य होंगे। आगामी 15 अप्रैल से वाहन चालक ग्रीन कार्ड बनवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि वाहनों के परिचालकों का भी चालकों की भांति लाइसेंस होना अनिवार्य है। जिससे वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने पर परिचालकों को सरकार की ओर से दी जाने वाली आर्थिक सहायता में कोई कठिनाई न हो। उन्होंने अलाभकारी रूटों पर भी लाभकारी रूटों की तरह वाहनों के संचालन को कहा। इस दौरान कंपनी के अध्यक्ष जीत सिंह पटवाल ने कहा कि प्रदेश में नौ परिवहन कंपनियों के यात्रा रोटेशन के गठन के लिए सभी कंपनियों से सहमति ली जा रही है। जल्द ही यात्रा रोटेशन व्यवस्था के गठन की औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। उन्होंने कहा कि जो रूट बंद पड़े हैं, उन पर कम सीटर वाहनों को चलाने का निर्णय लिया गया है। यह सेवा जल्द शुरू कर दी जाएगी।

वाहनों में जीपीएस है अनिवार्य
एआरटीओ पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि प्रत्येक वाहन में जीपीएस होना अनिवार्य है। जिस वाहन में जीपीएस नहीं होगा, उसका फिटनेस नहीं हो पाएगा। उन्होंने कहा कि नए वाहनों में तो जीपीएस कंपनी से ही फिट है, लेकिन पुराने वाहनों में अलग से लगाना होगा। जीएमओयू के पदाधिकारियों ने कहा कि कोरोना काल के कारण हुए नुकसान को देखते हुए उक्त योजना को फिलहाल स्थगित करने की मांग सरकार से की गई है। कंपनी पदाधिकारियों ने एआरटीओ से वाहनों के अवैध संचालन की शिकायत की, जिस पर उन्होंने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

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