नई दिल्ली, दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अदालत ने म्यांमार में कथित आतंकी प्रशिक्षण शिविर और आतंकी साजिश से जुड़े मामले में गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वानडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को बड़ी राहत दी है। अदालत ने सभी आरोपियों को परिवार से मिलने के लिए 30 दिन की सशर्त जमानत मंजूर की है। आदेश के बाद शुक्रवार को सातों को तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया। जमानत अवधि समाप्त होने पर सभी को भारत लौटना होगा।
विशेष एनआईए अदालत के न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने आरोपियों की विदेश यात्रा संबंधी अर्जियां स्वीकार करते हुए जब्त किए गए उनके पासपोर्ट तत्काल जारी करने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि विदेश जाने का अधिकार भारतीय संविधान के तहत नागरिकों को प्राप्त मौलिक अधिकारों का ही एक विस्तार है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि एक महीने की जमानत अवधि उस दिन से शुरू होगी, जिस दिन आरोपी भारत से बाहर जाने वाली उड़ान में सवार होंगे। अवधि समाप्त होने के बाद सभी आरोपियों को वापस भारत लौटना होगा।
अदालत ने सातों को 24 घंटे के भीतर अपना पता, मोबाइल फोन नंबर और ई-मेल सहित आवश्यक संपर्क जानकारी एनआईए को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। साथ ही, जांच एजेंसी जब भी उन्हें जांच में शामिल होने के लिए बुलाएगी, उन्हें वीडियो माध्यम या व्यक्तिगत रूप से जांच में शामिल होना होगा।
गुरुवार रात आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सभी आरोपियों को जेल से रिहा किया गया।
मामले में गिरफ्तार आरोपियों में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वानडाइक के अलावा यूक्रेन के हुरबा पेट्रो, स्लिवियाक तारास, इवान सुखमानोव्स्की, स्टेफानकिव मारियन, होनचारुक मैक्सिम उर्फ मैक्सिम और कामिंस्की विक्टर शामिल हैं। एनआईए ने इन सभी को इस साल 13 मार्च को कोलकाता, दिल्ली और लखनऊ के अलग-अलग हवाई अड्डों से गिरफ्तार किया था।