नई दिल्ली ,अमेरिका जाने की योजना बना रहे भारतीय नागरिकों को इन दिनों वीजा प्रक्रिया में लंबा इंतजार और बढ़ती लागत, दोनों का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिकी सरकारी जवाबदेही कार्यालय (जीएओ) की ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025 में भारतीय आवेदकों को गैर-आप्रवासी वीजा के साक्षात्कार के लिए औसतन 346 दिन तक इंतजार करना पड़ा। कोरोना महामारी से पहले यह औसत प्रतीक्षा अवधि महज 42 दिन थी। इस तरह मौजूदा इंतजार पहले की तुलना में करीब आठ गुना बढ़ गया है।
जीएओ की रिपोर्ट में वित्तीय वर्ष 2019 से 2025 तक के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, वीजा की मांग में लगातार बढ़ोतरी के मुकाबले आवेदनों को संसाधित करने की अमेरिकी दूतावासों की क्षमता पर्याप्त नहीं रही। इसका असर विशेष रूप से भारत जैसे अधिक आवेदन वाले देशों में दिखाई दे रहा है।
वित्तीय वर्ष 2025 में भारत से करीब 14.5 लाख गैर-आप्रवासी वीजा आवेदन प्राप्त हुए। इन आवेदनों को संभालने के लिए भारत में केवल 68 वाणिज्य दूतावास अधिकारी तैनात थे। इस हिसाब से प्रत्येक अधिकारी पर औसतन करीब 21,400 आवेदन का भार पड़ा।
रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में गैर-आप्रवासी वीजा से जुड़े काम के लिए तैनात अमेरिकी अधिकारियों की संख्या वित्तीय वर्ष 2024 में 1,342 थी। भर्ती पर रोक और अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने के कारण यह संख्या वित्तीय वर्ष 2025 में घटकर 904 रह गई। अधिकारियों की संख्या में कमी और आवेदनों की बड़ी संख्या के बीच बढ़ता अंतर वीजा साक्षात्कार में देरी का एक प्रमुख कारण बताया जा रहा है।