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तीन उच्च न्यायालयों में 13 अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति, केंद्र ने पदोन्नति की अधिसूचना की जारी

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नई दिल्ली,एजेंसी। केंद्र सरकार ने सोमवार को तीन उच्च न्यायालयों के लिए 13 न्यायिक कार्यालयों और अधिवक्ताओं की पदोन्नति को अधिसूचित की। बता दें कि केंद्रीय कानून और न्याय मंत्रालय ने इलाहाबाद, कर्नाटक और मद्रास के उच्च न्यायालयों में अतिरिक्त न्यायाधीशों के रूप में यह अधिसूचना जारी की है।
कानून और न्याय मंत्री किरण रिजिजू ने सोमवार को सभी पदोन्नति हुए लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने अधिकारिक ट्वीटर हैंडल से ट्वीट कर लिखा, श्भारत के संविधान के तहत प्रासंगिक प्रावधानों के अनुसार, निम्नलिखित अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों को इलाहाबाद उच्च न्यायालय, कर्नाटक उच्च न्यायालय और मद्रास उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीशों के रूप में नियुक्त किया जाता है। मैं उन सभी को अपनी शुभकामनाएं देता हूं।श्
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के संबंध में जारी इस अधिसूचना में कहा गया, श्भारत के संविधान के अनुच्टेद 224 के खंड (1) द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दो न्यायिक अधिकारियों और 11 अधिवक्ताओं को अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त्त करने की अनुमति दी है। अधिसूचना के अनुसार, इलाहाबाद में छह, मद्रास में पांच और कर्नाटक उच्च न्यायालय में दो अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किए हैं।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश के पद पर सैयद कमर हसन रिजवी, मनीष कुमार निगम, अनीश कुमार गुप्ता, नंद प्रभा शुक्ला, क्षितिज शैलेंद्र और विनोद दिवाकर की नियुक्ति की गई है। वहीं मद्रास उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के पद पर एडवोकेट लक्ष्मण चंद्रा विक्टोरिया गौरी, पिल्लईपक्कम बहुकुटुम्बी बालाजी, कंधसामी कुलंदाइवेलु रामष्णन और न्यायिक अधिकारी रामचंद्र कलैमथी और के गोविंदराजन थिलाकावडी को नियुक्त किया गया है।
कानून और न्याय मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अधिवक्ता विजयकुमार अडागौड़ा, पाटिल और राजेश राय कलंगला को कर्नाटक उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया है।
कानून मंत्री के ट्वीट से नियुक्ति की पुष्टि होने के कुछ ही मिनट बाद सुप्रीम कोर्ट ने का बयान सामने आया।ैब् ने एडवोकेट विक्टोरिया गौरी को मद्रास हाई कोर्ट का जज बनाने की सिफारिश करने के कलेजियम के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने पर सहमति जताई।
आपको बता दें कि हाल ही में, तमिलनाडु के वकीलों के एक समूह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक याचिका भेजी थी, जिसमें उनसे मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में अधिवक्ता विक्टोरिया गौरी को पदोन्नत करने की सुप्रीम कोर्ट कलेजियम की सिफारिश पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया गया था। वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति के वारंट पर हस्ताक्षर कर दिया था।

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