अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन को फर्जी पासपोर्ट मामले में 7 साल की सजा, सीबीआई कोर्ट ने सुनाया फैसला

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नईदिल्ली । अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन को फर्जी पासपोर्ट मामले में 7 साल की सजा सुनाई गई है। ष्टक्चढ्ढ कोर्ट ने ये फैसला सुनाया है। चेन्नई में सीबीआई की विशेष अदालत ने अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन उर्फ विजया कदम, राजेंद्र और नाना को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट हासिल करने के मामले में 7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यह मामला 19 मार्च 2002 को दर्ज किया था। जांच में आरोप लगाया गया कि छोटा राजन ने रीजनल पासपोर्ट ऑफिस, चेन्नई को धोखा देकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवाया था।
विजया कदम के नाम से बनवाया था पासपोर्ट
जांच में सामने आया कि उसने विजया कदमनाम से पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। इसके लिए उसने स्कूल का ट्रांसफर सर्टिफिकेट, राशन कार्ड, डिमांड ड्राफ्ट समेत कई फर्जी दस्तावेज जमा किए थे।
नकली दस्तावेज जमा कर बनवाया पासपोर्ट
जांच में यह भी पता चला कि विजया कदम नाम से पासपोर्ट लेने वाला व्यक्ति वास्तव में मुंबई निवासी राजेंद्र उर्फ नाना उर्फ छोटा राजन, पिता सदाशिव, था। उसने फर्जी पहचान अपनाकर उम्र और पते से जुड़े नकली दस्तावेज जमा किए और उन्हें असली बताकर पासपोर्ट हासिल किया।
2004 में दाखिल हुई थी चार्जशीट
मामले की जांच पूरी होने के बाद ष्टक्चढ्ढ ने 22 जनवरी 2004 को छोटा राजन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। लंबी सुनवाई के बाद अब चेन्नई की ष्टक्चढ्ढ अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए 7 साल की सजा और 55 हजार रुपये जुर्माने का आदेश दिया है।
बता दें कि छोटा राजन का असली नाम राजेंद्र सदाशिव निखलजे है। वह मुंबई अंडरवर्ल्ड का कुख्यात नाम रहा है। लंबे समय तक दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगियों में गिना जाता था। 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद दाऊद इब्राहिम और छोटा राजन के रास्ते अलग हो गए। इसके बाद दोनों गुटों के बीच लंबे समय तक गैंगवार चला। छोटा राजन को अक्टूबर 2015 में इंडोनेशिया के बाली में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसे भारत लाया गया। अभी वह तिहाड़ जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।

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