नौगांव (उत्तरकाशी)। रवांई घाटी में आपदा, फसलों के नुकसान और नकदी फसलों के उचित दाम नहीं मिलने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सौली कस्बे में आपदा से बेघर हुए परिवारों के पुनर्वास से लेकर खराब हुई टमाटर और सेब की फसल से काश्तकारों पर आर्थिक संकट आ खड़ा हो गया है।
अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष श्याम डोभाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर क्षेत्र की इन समस्याओं को उनके समक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने समस्याओं पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री आवास में हुई वार्ता के दौरान डोभाल ने सात अगस्त की रात सौली कस्बे में आई आपदा से प्रभावित परिवारों की स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि आपदा में चार परिवार बेघर हो गए हैं जबकि 11 परिवार अब भी खतरे की जद में हैं। बेघर परिवार फिलहाल निजी लोगों के घरों में शरण लिए हुए हैं। ऐसे में प्रभावितों के सुरक्षित पुनर्वास और खतरे में रह रहे परिवारों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। डोभाल ने टमाटर उत्पादकों की समस्या भी रखी। उन्होंने बताया कि उचित मूल्य नहीं मिलने और परिवहन खर्च अधिक होने के कारण काश्तकारों ने 50 प्रतिशत से अधिक टमाटर खेतों में ही छोड़ दिया जो तुड़ान न होने से खराब हो गया। नकदी फसलों पर निर्भर काश्तकारों के सामने बैंक ऋण चुकाने का संकट खड़ा हो गया है।