चावल, सरसों के तेल सहित सब्जी व फल के दामों में भी उछाल
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी और माल ढुलाई खर्च बढ़ने का असर अब सीधे आम जन की रसोई पर पड़ रहा है। बाजार में दाल, चावल, खाद्य तेज, मसाले के साथ ही सब्जी व फल के दामों में भी बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। वहीं, रसोई सिलिंडर के दाम बढ़ने से भी लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। पिछले दिनों के मुकाबले अब रसोई का खर्चा दोगुना हो गया है।
पेट्रोल-डीजल के दाम भले ही कुछ दिन से स्थिर हैं। लेकिन, कुछ दिन पूर्व बढ़े एलपीजी सिलिंडर के दाम व लगातार बढ़ रहे अन्य खाद्य पदार्थों के दामों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। महंगाई का असर लोगों की जेब पर पड़ रहा है। हर दिन कुछ न कुछ महंगा होता जा रहा है। परिवहन खर्च बढ़ने के कारण रोजमर्रा के इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों और किराना सामान के दामों में लगातार बृद्धि हो रही है। सोयाबीन की बड़ी, सभी तरह के चावल, तेल और रिफाइंड के साथ अन्य पदार्थों में आठ से दस रुपये प्रति किलो बढ़ोत्तरी हुई है। अरहर की दाल पूर्व में 120 रुपये किलो थी लेकिन, वर्तमान में 140 तक पहुंच गई है। सरसो का तेल पूर्व में 150 रुपये था जो अब 175 पहुंच गया। चीनी 38 रुपये से बढ़कर 45 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। इसी तरह सब्जी व फल के भी प्रतिदिन बढ़े हुए दाम बाजार में आ रहे हैं। 10 दिन पूर्व 20 रुपये किलो बिकने वाला टमाटर चालीस रुपये पहुंच गया। इसी तरह फलों के दामों में भी बढ़ोत्तरी हुई है। शहरवासी मोनिका देवी का कहना है कि तेल, रिफाइंड और अन्य खाद्य पदार्थों की महंगाई का सीधा असर रसोई पर पड़ रहा है। तेल महंगा होने से सामान्य परिवारों की भोजन थाली महंगी हो गई है। नौकरी पेशा वाले लोगों का भी खर्चा चलाना मुश्किल होता जा रहा है। बिनीता देवी ने बताया कि रसोई गैस के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इससे घर का बजट बिगड़ने लगा है। पिछले एक माह के भीतर रसोई का खार्चा दोगुना हो गया है। अभी स्थिति सुधरती हुई भी नहीं दिखाई दे रही।