उत्तरकाशी। बारिश के चलते जिले में ग्रामीण सड़कों पर आवाजाही लगातार प्रभावित हो रही है। सोमवार को चार और सड़कें बंद होने के बाद जनपद में कुल 10 ग्रामीण मोटरमार्ग यातायात के लिए बंद पड़े हैं। इनमें सारीगाड-कंडारी मोटर मार्ग भी शामिल रहा, जो रविवार दोपहर भारी भूस्खलन के बाद करीब 18 घंटे तक बंद रहा। सोमवार सुबह साढ़े छह बजे मार्ग खुलने के बाद कंडारी क्षेत्र के करीब 27 गांवों की आवाजाही बहाल हो सकी। सारीगाड-कंडारी मोटरमार्ग पर रविवार दोपहर करीब एक बजे पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा गिरा था। मलबा सड़क के नीचे से गुजर रहे हरबर्टपुर-यमुनोत्री हाईवे तक पहुंचने से वहां भी यातायात प्रभावित हुआ। हालांकि हाईवे को रविवार शाम तक ही खोल दिया गया था, लेकिन कंडारी मार्ग पर लगातार मलबा गिरने के कारण आवाजाही शुरू नहीं हो सकी। सूचना के बाद संबंधित विभाग की मशीनरी मौके पर पहुंची और रविवार दोपहर से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। भूस्खलन प्रभावित हिस्से में बार-बार मलबा गिरने के कारण कर्मचारियों को रातभर मशक्कत करनी पड़ी। सोमवार सुबह मार्ग यातायात के लिए खोल दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सारीगाड-कंडारी मार्ग का यह हिस्सा लंबे समय से भूस्खलन जोन बना हुआ है। बारिश के दौरान यहां बार-बार मलबा आने से ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित होती है। इधर, जिले में भंक्वाड़, पासा-पोखरी, नैटवाड़-हटवाड़ी, सरू-ओसला, रानाचट्टी-निसणी, मोरी-सालरा और कोटगांव-कलाप समेत कई ग्रामीण मार्ग बंद हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया कि बंद मार्गों को जल्द खोलने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं।