जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : कालागढ़ टाइगर रिजर्व प्रभाग, लैंसडौन की ओर से वन्यजीव सप्ताह के तहत विभिन्न जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान स्कूली बच्चों को जंगल की सैर कराते हुए बर्ड वॉचिंग के गुर सिखाए गए। विद्यार्थियों ने नेचर वॉक के दौरान जंगल की जैव विविधता को करीब से जाना।

बर्ड वॉचिंग कार्यक्रम में लैंसडौन आर्मी पब्लिक स्कूल सहित विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। पक्षी विशेषज्ञ राजीव बिष्ट ने विद्यार्थियों को नेचर वॉक के दौरान विभिन्न प्रजातियों के करीब 15 पक्षियों की पहचान कराई। उन्होंने बच्चों को बाइनोकुलर की मदद से पक्षियों को देखने और फोकस कैमरे से उनकी तस्वीर लेने के तरीके भी बताए। राजीव बिष्ट ने कहा कि जंगल में रहने वाले पक्षी और वन्यजीव हमारी अनमोल प्राकृतिक धरोहर हैं। इनके संरक्षण के लिए लोगों में जागरूकता जरूरी है। कार्यक्रम में कालागढ़ टाइगर रिजर्व की ओर से पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से कार्बेट टाइगर रिजर्व के इतिहास और वन्यजीव संरक्षण की जानकारी भी दी गई। सहायक वन संरक्षक शिप्रा वर्मा ने बताया कि वन्यजीव सप्ताह के तहत वन विभाग की ओर से जागरूकता के साथ ही विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनने के लिए जागरूक किया गया। महिलाओं और ग्रामीणों को पांच दिवसीय बांस हस्तशिल्प उत्पादन प्रशिक्षण भी दिया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को वन एवं वन्यजीव संरक्षण से जोड़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी है।