बरसात के मौसम में बदहाल सड़कें तोड़ रही कमर

Spread the love

वर्षाकाल में जगह-जगह बदहाल पड़ी सड़कें बन रही चुनौती
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : गढ़वाल के प्रवेश द्वार कोटद्वार की मुख्य सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। सड़कों पर वाहन चलाना तो दूर आमजन का पैदल चलना भी एक चुनौती बन गई है। चौंकाने वाली बात तो यह है कि लगातार शिकायत व आंदोलन के बाद भी सरकारी सिस्टम सड़क मरम्मत की सुध नहीं ले रहा। नतीजा, आए दिन गड्डों की चपेट में आने से दोपहिया वाहन चालक घायल हो रहे हैं।


शहर में शायद ही कोई ऐसी सड़क हो जहां आपकों गड्ढे न दिखाई दें। बदहाली का मुख्य कारण 24 घंटे पेयजल योजना के लिए खोदी गई सड़कें हैं। दरअसल, कुछ माह पहले शहर में पेयजल लाइन को भूमिगत करने के लिए सड़कों की खुदाई की गई थी। अधिकांश वार्डों में पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है, लेकिन इसके बाद सड़कों की समुचित मरम्मत नहीं की गई। जगह-जगह केवल मलबा डालकर खानापूर्ति कर दी गई, जिससे सड़कें बदहाल हो गई हैं। हल्की वर्षा होते ही ये सड़कें कीचड़ में तब्दील हो जाती हैं। ऐसे में पैदल चलना मुश्किल हो जाता है, जबकि दोपहिया वाहन चालकों के फिसलकर हादसे का शिकार होने का खतरा लगातार बना रहता है। सबसे खराब स्थिति मानपुर, सिताबपुर, लालपुर, कुंभीचौड़, गाड़ीघाट और भाबर क्षेत्र की सड़कों की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धूप पड़ने पर मिट्टी सूख जाती है और पूरी सड़क पर धूल का गुब्बार बना रहता है। वहीं, वर्षा के दौरान कीचड़ व गंदा पानी घरों तक पहुंच जाता है। पाइप लाइन बिछाने का कार्य पूर्ण हो चुका है। लेकिन, सड़क मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

तालाब बन रही मोहल्लों की सड़क
संबंधित कार्यदायी संस्था की ओर से कई वार्डों में लापरवाही देखने को मिल रही है। गलियों की सड़कों में पानी की निकासी के लिए नाली तक का निर्माण नहीं किया गया है। ऐसे में हल्की वर्षा होते ही सड़कें पूरी तरह पानी से भर रही है। कई दिन तक पानी सड़कों पर नजर आ रहा है। जिससे लोगों को संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। लोगों का कहना है कि पूर्व में उनके वार्ड में पानी की निकासी की व्यवस्था की लेकिन, सड़क खोदने के बाद इसमें केवल सीमेंट भर दिया गया है। ऐसे में समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *