बम-बम भोले के जयकारों से गूंजे शिवालय

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भक्तों ने चढ़ाया शिवालयों पर दूध व बेल पत्र
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार।
गुरूवार को क्षेत्र में महाशिवरात्रि का पावन पर्व बडे़ ही धूमधाम व श्रद्धा भक्ति-भाव के साथ मनाया गया। क्षेत्र के विभिन्न शिव मंदिरो में सुबह से ही भक्तों की लम्बी-लम्बी कतारें देखने को मिली। शिवरात्रि पर शिवमंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया।
महाशिवरात्रि पर्व पर श्री सिद्धबली मंदिर, फलहारीबाबा मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, बालाजी मंदिर, संतोषी माता मंदिर, गीता भवन मंदिर, सिद्धपीठ सुखरो देवी मंदिर, घराट स्थित शिवालय, मनकामेश्वर मंदिर कुंभीचौड़, विशनपुर शिवालय समेत विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालु कई घंटों तक लाइन में खड़े रहकर शिवलिंग में पानी और दूध चढ़ाने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। महाशिवरात्रि को भगवान शंकर का दिन माना जाता है। महाशिरात्रि का व्रत फाल्गुन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है। कुछ लोग चतुर्थदशी के दिन भी इस व्रत को करते है। आज के दिन शिव भक्त सुबह से ही व्रत रखते है और भगवान शिव की उपासना करते है। जिस कारण गुरूवार सुबह से ही शहर के विभिन्न शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ देखने को मिली। शिवालयों में भक्तों ने भगवान शिव को कंद-मूल, धतूर, बेलपत्र, बेर, चंदन चढ़ाकर दिन भर उपवास रह कर उनकी आराधना की। सुबह से ही भक्त शिवलिंग पर जल, दूध व बेल पत्र आदि चढ़ाने के लिए घंटों लाईन में खड़े रहें। अगर बात क्षेत्र के प्रसिद्ध सिद्ध बाबा मंदिर की कि जाये तो आज प्रात: काल से ही शिवलिंग का जलाभिषेक व पूजा अर्चना करने के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। लोग घंटो लाईन में खडे होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। मान्यता है कि आज के दिन जो शिव भक्त व्रत लेकर शिवलिंग का जलाभिषेक कर बेलपत्र, फल-फूल आदि से पूजा अर्चना कर उपासना करता है भगवान उसकी हर मनोकामना पूर्ण करते है। उसके बाद रात्रि के समय भक्तों ने भगवान शिव की पूर्जा अर्चना कर उन्हें प्रसाद चढ़ाया और फिर खुद भी प्रसाद ग्रहण कर व्रत पूरा किया।

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