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भावुक क्षणों के साथ हुई मां नंदा की विदाई

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रुद्रप्रयाग। तुंगनाथ घाटी के पर्यटन गांव सारी में दो दिन प्रवास के बाद शुक्रवार को भावुक क्षणों के साथ मां नंदा की विदाई की गई। ग्रामीण महिलाओं ने पौराणिक जागरों एवं पुष्प अक्षतों से मां नंदा को काफी दूर तक विदा करने गए। इस दौरान धियाणियों की आंखों से आंसू बहने लगे। गत 28 अक्टूबर को मक्कूमठ की मां नंदा विभिन्न गांवों के भ्रमण के पश्चात ऊखीमठ सारी गांव पहुंची थी। शुक्रवार को सारी गाँव में पुजारी रामचंद्र भट्ट ने भगवती नंदा सहित कई देवी- देवताओं का आह्वान कर विशेष पूजा अर्चना की और मां को भोग लगाया। इसके बाद मायके सारी से ससुराल मक्कूमठ के लिए मां नंदा की विदाई का कार्यक्रम शुरू हुआ। नर्मदा देवी, रामेश्वरी देवी, कुब्जा देवी व शारदा देवी ने पैटिगे नंदा अब तू ससुराल, राजी खुशी रैक फिर बुलोला मैत जैसे मार्मिक जागरों से भगवती नंदा की विदाई की गई। भगवती नंदा के विदा होते ही ग्रामीणों व धियाणियों की भीड़ उमड़ी। भगवती नन्दा के पंचायत चौक पहुंचने पर भगवती नन्दा ने नर रूप में अवतरित होकर भक्तों को आशीष दिया। इस दौरान भक्तों के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। नंदा के विदाई के दौरान भक्तों कीआंखें छलक उठीं। ग्रामीण नंदा को विदा करने काफी दूर तक गए, नंदा भी दूर-दूर तक अपने मायके को निहारती रही। मक्कूमठ पहुंचने पर मां का जोरदार स्वागत हुआ। जिसके बाद मां को गर्भगृह मे स्थापित किया गया। सामाजिक कार्यकत्र्ता गजपाल भट्ट ने बताया कि दो दिन प्रवास के बाद शुक्रवार को मां नंदा की विदाई भावुक क्षणों से की गई। काण्डा, उषाड़ा, दैड़ा व सारी गांव मां नंदा का मायका है। प्रतिवर्ष भगवती नंदा शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर्व पर मक्कू गांव से मायके के लिए रवाना होती है तथा विभिन्न गावों का भ्रमण कर ग्रामीणों व धियाणियों को आशीष देती है। इस दौरान धियाणियां भी मां के दर्शनों को गांव पहुंचती है। इस अवसर पर मां नन्दा के पश्वा अंकित नेगी, दिलवर सिंह नेगी, प्रधान मनोरमा देवी, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य जसवीर सिंह नेगी, अनीता देवी, भगत सिंह समेत कई ग्रामीण उपस्थित थे।

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