व्यापार मंडल ने की ट्रेड लाइसेंस की गणना रोकने की मांग

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। नगर उद्योग व्यापार मंडल कोटद्वार ने महापौर श्रीमती हेमलता नेगी से निगम द्वारा कराई जा रही ट्रेड लाइसेंस की गणना पर रोक लगाने की मांग की है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने जल्द ही रोक न लगने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में नगर आयुक्त से वार्ता की गई तो उनका कहना है कि यह नगर निगम बोर्ड का फैसला है। बोर्ड के फैसले के आधार पर ही कार्यवाही की जा रही है।
शनिवार को व्यापार मंडल के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने महापौर श्रीमती हेमलता नेगी से मुलाकात की। इस दौरान शिष्टमंडल ने महापौर को ज्ञापन सौंपा। अध्यक्ष महेन्द्र सिंह बिष्ट ने कहा कि शहरी विकास निदेशालय द्वारा एक पत्र भेजा गया है। जिसमें सरकार द्वारा ट्रेड लाइसेंस एवं मिश्रित संग्रह (एमसीएस) के ऑनलाइन किये जाने का जिक्र है। उन्होंने कहा कि रूड़की की एक संस्था की टीम कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र में व्यवसाइयों के प्रतिष्ठानों में बगैर सूचना के जाकर इसके व्यक्तिगत कागजात तथा व्यवसाय की जानकारी मांगी जा रही है, जो कि सरासर गलत है। टे्रड लाइसेंस के द्वारा व्यापारियों से टैक्स वसूला जायेगा। जिसका कोटद्वार व्यापार संघ घोर विरोध करता है। सरकार द्वारा पहले ही जीएसजीएन व आईटीआर सहित व्यापारियों से विभिन्न टैक्स वसूला जा रहा है। जिसे व्यापारी देते आ रहे है। ऐसे में एक और टैक्स व्यापारियों पर लगाना जनहित में गैर कानूनी है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी को लगभग एक साल होने को है जिससे व्यापार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है, व्यापारियों को दुकान तथा कर्मचारियों के खर्चें चलाना भी मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के व्यापारियों के हितों के मध्य नजर इस फैसले पर तत्काल रोक लगाई जाय। प्रतिनिधि मंडल में अध्यक्ष महेन्द्र सिंह बिष्ट, महामंत्री राजेन्द्र भाटिया, कोषाध्यक्ष संजय मित्तल, प्रवक्ता विनय भाटिया, मीडिया प्रभारी अंकित अग्रवाल आदि शामिल थे।

ट्रेड लाइसेंस प्रक्रिया का पार्षदों ने किया विरोध
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। ट्रेड लाइसेंस प्रक्रिया का नगर निगम के पार्षदों ने भी विरोध किया है। नगर निगम सभागार में महापौर श्रीमती हेमलता नेगी की अध्यक्षता में शनिवार को पार्षदों की बैठक हुई। पार्षदों ने कहा कि वर्तमान में व्यापारी वर्ग कोरोना संकट से जूझ रहा है। वहीं, व्यापारी पहले से जीएसटी समेत अन्य कर दे रहे हैं। ऐसे में उन पर किसी भी प्रकार का अन्य कर लगाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि लाइसेंस प्रक्रिया के बारे में न तो सार्वजनिक विज्ञप्ति प्रकाशित की गई और न ही व्यापारियों से आपत्तियां मांगी गई है। महापौर ने कहा कि व्यापारियों पर किसी भी प्रकार का अनावश्यक कर नहीं लगाया जाएगा। व्यापारिक हित में ही निर्णय लिए जाएंगे। बैठक में पार्षद विपिन डोबरियाल, सुखपाल शाह, गीता नेगी, सोनिया नेगी, विजेता रावत, सूरज प्रसाद कांती आदि मौजूद रहे।

 

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