जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : तीन दिनों तक संस्कृति, परंपरा और गांव की आत्मीयता से सराबोर रहा चाई ग्रामोत्सव बुधवार को उत्साह और भावनाओं के बीच संपन्न हो गया। अंतिम दिन विद्यार्थियों और महिलाओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। इस दौरान गांव के बेहतर विकास को लेकर भी चर्चा की गई।
समापन समारोह का शुभारंभ जयहरीखाल ब्लॉक प्रमुख रणवीर सिंह सजवाण ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि भारत की वास्तविक आत्मा गांवों में बसती है और गांवों के समग्र विकास के बिना राष्ट्र की प्रगति संभव नहीं है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर बल देते हुए कहा कि इससे पलायन पर अंकुश लगेगा और गांव आत्मनिर्भर बन सकेंगे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजसेवी किशोर जदली ने कहा कि जब पूरा पहाड़ पलायन की चुनौती से जूझ रहा है, ऐसे समय में चाई ग्रामोत्सव गांवों के पुनर्जीवन और सांस्कृतिक संरक्षण की नई मिसाल बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल गांव बचाने का प्रयास नहीं, बल्कि हमारी लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। गोष्ठी के बाद आयोजित सांस्कृतिक संध्या में लोक गायक सुशील स्नेहवाल और धर्मेंद्र रावत ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से श्रोताओं को देर शाम तक बांधे रखा। लोकगीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर दर्शक भी झूमते नजर आए। इस अवसर पर ग्राम प्रधान अशोक बुड़ाकोटी, जगमोहन बुड़ाकोटी, दीपक बुड़ाकोटी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और प्रवासीजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डा. पदमेश बुड़ाकोटी ने किया।