एलएसी के पास बॉलीवुड गाना गाते दिखे चीनी सैनिक, भारतीय सैनिक ने बनाई वीडियो

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नई दिल्ली,भारत और चीन के बीच बनी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में भारतीय सेना और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिकों के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल दिखाई दे रहा है। वीडियो में चीनी सैनिक बॉलीवुड फिल्म मोहब्बतें का लोकप्रिय गीत आंखें खुली हों या हों बंद मोबाइल पर सुनते और गुनगुनाते नजर आ रहे हैं, जबकि एक भारतीय सैनिक इस पूरे दृश्य का वीडियो बना रहा है।
हालांकि, यह वीडियो कब और कहां का है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। किसी भी सरकारी एजेंसी या भारतीय सेना की ओर से भी इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं की गई है।
सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (खुले स्रोतों से जानकारी जुटाने वाले) खाते से साझा किए गए इस वीडियो के साथ लिखा गया है कि, एलएसी के पास कहीं भारतीय सेना और पीएलए के जवानों ने कुछ यादगार और भावुक पल साझा किए। वीडियो में पीएलए के सैनिक बॉलीवुड का प्रसिद्ध गीत आंखें खुली हों या हों बंद गाते दिखाई दे रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि हिंदी-चीनी भाई-भाई का दौर फिर से लौट आया है।
वीडियो में पहाड़ी क्षेत्र के बीच भारतीय और चीनी सैनिक अलग-अलग स्थानों पर तैनात और बैठे हुए भी दिखाई दे रहे हैं। दोनों देशों के सैनिकों के बीच सामान्य और सौहार्दपूर्ण व्यवहार ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।
यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ दिन पहले ही एक वाणिज्यिक उपग्रह कंपनी की तस्वीरों के आधार पर चीन की सैन्य गतिविधियों को लेकर नए दावे किए गए थे।
उपग्रह से प्राप्त तस्वीरों के अनुसार, चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा से लगभग 250 किलोमीटर दूर भारतीय सीमा के निकट स्थित अपने दो प्रमुख वायुसेना अड्डों पर कुल 12 जे-20 स्टेल्थ लड़ाकू विमान तैनात किए हैं। इनमें शिनजियांग के होतान वायुसेना अड्डे पर 8 तथा तिब्बत के डामशुंग वायुसेना अड्डे पर 4 विमान मौजूद होने का दावा किया गया है।
हालांकि, इन उपग्रह तस्वीरों और विमानों की तैनाती संबंधी दावों की भी स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
एलएसी से जुड़े वायरल वीडियो और चीन की कथित सैन्य गतिविधियों से जुड़े दावों के बीच यह स्पष्ट है कि दोनों घटनाओं को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। ऐसे में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सरकारी या सैन्य सूत्रों की पुष्टि आवश्यक मानी जा रही है।

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