नईदिल्ली, सामाजिक माध्यम की प्रोफाइल में किए बदलाव, प्रधानमंत्री मोदी को बताया आजीवन अनुयायी
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तेज-तर्रार राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला के पार्टी से इस्तीफा देने की खबर सामने आई है। हालांकि, उनके इस्तीफे की अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है और न ही पार्टी की ओर से इसकी पुष्टि की गई है।
सूत्रों के अनुसार, शहजाद पूनावाला ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। बताया जा रहा है कि पार्टी और पूनावाला की ओर से जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक बयान जारी किया जा सकता है।
टेलीविजन समाचार चैनलों पर भाजपा का पक्ष प्रभावी ढंग से रखने वाले पूनावाला स्वयं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रबल समर्थक बताते रहे हैं। इस्तीफे की खबरों के बीच उन्होंने अपने सामाजिक माध्यम एक्स पर भी प्रोफाइल में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।
उन्होंने अपनी प्रोफाइल से भाजपा का उल्लेख हटा दिया है। साथ ही स्वयं को इस्लाम धर्म का अनुयायी बताते हुए भारतीय संस्कृति से जुड़ा बताया है। अपनी विचारधारा के स्थान पर उन्होंने भारतीय लिखा है तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आजीवन अनुयायी के रूप में उल्लेखित किया है।
पिछले कुछ दिनों से शहजाद पूनावाला अपने सामाजिक माध्यम खाते पर अपने पुराने साक्षात्कार साझा कर रहे थे। इन साक्षात्कारों में वह राजनीति से दूरी बनाने और सार्वजनिक जीवन से हटने की संभावना पर चर्चा करते दिखाई दे रहे थे। इससे उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर पहले से ही अटकलें लगाई जा रही थीं।
लगभग 40 वर्षीय अविवाहित शहजाद पूनावाला महाराष्ट्र के पुणे के निवासी हैं। वे पेशे से अधिवक्ता, स्तंभकार और राजनीतिक विश्लेषक भी हैं।
उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस के छात्र संगठन राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) से की थी। वह पुणे इकाई के उपाध्यक्ष भी रहे। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस की मीडिया अनुसंधान टीम में कई वरिष्ठ नेताओं के साथ कार्य किया।
वर्ष 2017 में उन्होंने कांग्रेस में राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। उन्होंने संगठनात्मक चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए कांग्रेस छोड़ दी थी।
इसके बाद वर्ष 2021 में भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया। तब से वह राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखते रहे। उनके भाई तहसीन पूनावाला भी सक्रिय राजनीति और सार्वजनिक विमर्श से जुड़े रहे हैं।
फिलहाल शहजाद पूनावाला के इस्तीफे को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पार्टी और स्वयं पूनावाला की ओर से जारी होने वाले आधिकारिक वक्तव्य का इंतजार किया जा रहा है।