देहरादून। चुनावी धांधली, मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के विरोध में रविवार को धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आईएसबीटी के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदेश महासचिव वीरेंद्र पोखरियाल, प्रदेश उपाध्यक्ष लालचंद शर्मा और पूर्व पार्षद रमेश कुमार ह्यमंगूह्ण के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया। कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची की निष्पक्षता, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई।
मतदाता सूची की निष्पक्षता
पर उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव व्यवस्था पर निर्भर करती है। मतदाता सूची से जुड़े सवालों का समाधान किया जाना चाहिए, ताकि नागरिकों का चुनाव प्रक्रिया पर विश्वास बना रहे।
नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को सवाल पूछने, असहमति व्यक्त करने और संवैधानिक संस्थाओं से जवाब मांगने का अधिकार है। उन्होंने रकफ प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां व्यक्त करते हुए चुनाव व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
जनता के मत का सम्मान
जरूरी : वीरेंद्र पोखरियाल
प्रदेश महासचिव वीरेंद्र पोखरियाल ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का मत सर्वोपरि है और चुनाव प्रक्रिया पर लोगों का विश्वास बनाए रखना बेहद जरूरी है। मतदाता सूची की निष्पक्षता और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों का उचित समाधान किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को अनसुना नहीं किया जा सकता। प्रत्येक नागरिक को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का संवैधानिक अधिकार है। चुनाव प्रक्रिया से संबंधित शिकायतों और आशंकाओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा : लालचंद शर्मा
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड कांग्रेस का यह प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए चलाए जा रहे संघर्ष का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जब भी लोकतंत्र और संविधान के मूल्यों को लेकर सवाल खड़े होंगे, कांग्रेस जनता के मुद्दों को उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवाज बुलंद करना जरूरी है। कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और मतदाता सूची से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर अपना विरोध जारी रखेंगे।
एसआईआर के विरोध में
आगे आने की अपील
पूर्व पार्षद रमेश कुमार मंगू ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले नागरिकों से रकफ प्रक्रिया को लेकर आयोजित विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और शांतिपूर्ण विरोध का महत्वपूर्ण स्थान है। संविधान की रक्षा और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए उठने वाली जनआवाज को महत्व दिया जाना चाहिए।
सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लिया भाग
पुतला दहन कार्यक्रम में पुष्पा पंवार, पार्षद मुकीम, पार्षद एतात खान, पार्षद जाहिद अंसारी, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष महिपाल शाह, सुलेमान अली, पूर्व पार्षद मोहन गुरुंग, अनिल थापा, हरेंद्र गुसाईं, सुभाष धस्माना, सलीम, मुकेश चौहान, विलियम, सन्नी कंसल, सिद्धार्थ वर्मा, वनाजिर खान, संजय थापा, मानवेन्द्र सिंह, अमन सिंह, हेमंत उप्रेती, मोहम्मद जमाल, सीताराम नौटियाल, देवेंद्र पाल सिंह, अयाजुद्दीन सिद्दीकी, गिरीश चंद सुन्द्रियाल, पीयूष गौड़, वीरेंद्र नेगी, दिनेश चौहान, यशपाल धीमान, विशाल मौर्य, रामकिशन यादव, सुमन गुरुंग, आदर्श सूद, जमाल, नवीन, चंद्र बहादुर, डी.एस. छेत्री, पुनीत कुमार, चंदन सिंह, प्रदीप थापा और मोहम्मद फैसल सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रदर्शन के समापन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची की निष्पक्षता, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।