रुड़की। शहर और आसपास के क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था लगातार तीसरे दिन भी पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट सकी। रविवार को भी कई इलाकों में बार-बार बिजली की आवाजाही और घंटों की कटौती से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब तीन से चार घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से घरेलू कार्यों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित रहीं। पिछले तीन दिनों से मौसम साफ होने के बावजूद बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं हो पा रही है। शुक्रवार रात और शनिवार शाम आए तेज आंधी-तूफान ने ऊर्जा निगम के नेटवर्क को काफी नुकसान पहुंचाया था। कई स्थानों पर बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हो गए थे, जबकि पेड़ों की बड़ी-बड़ी शाखाएं टूटकर बिजली लाइनों पर गिर गई थीं।
इसके कारण कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। ऊर्जा निगम की टीमें लगातार क्षतिग्रस्त पोल बदलने और बिजली लाइनों को दुरुस्त करने में जुटी हुई हैं। मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा कारणों से विभिन्न क्षेत्रों में समय-समय पर बिजली आपूर्ति बंद रखी गई, जिससे उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रविवार को भी कई मोहल्लों में दिनभर बिजली की आंख-मिचौली जारी रही। बिजली कटौती के कारण लोगों को पेयजल आपूर्ति, मोबाइल चार्जिंग और अन्य जरूरी कार्यों में परेशानी उठानी पड़ी। व्यापारियों का कहना है कि बार-बार बिजली जाने से उनके कामकाज पर भी असर पड़ा है। वहीं, भीषण गर्मी और उमस के बीच लंबे समय तक बिजली गुल रहने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं। कई इलाकों के लोगों ने जल्द से जल्द व्यवस्था पूरी तरह सामान्य करने की मांग की। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि आंधी-तूफान से प्रभावित अधिकांश लाइनों की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है। क्षतिग्रस्त पोल भी बदले जा चुके हैं और लगभग सभी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जहां कहीं छोटी-मोटी तकनीकी समस्या बची है, उसे भी शीघ्र दूर कर लिया जाएगा।