जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : पर्वतीय ठेकेदार संघ ने लोक निर्माण विभाग में जिला योजना और राज्य योजना के तहत कराए जा रहे कार्यों के आवंटन में भेदभाव का आरोप लगाया है। संघ का कहना है कि जनप्रतिनिधियों के दबाव में उनके चहेते लोगों को कार्य दिए जा रहे हैं, जबकि विभाग में पंजीकृत पात्र ठेकेदारों की अनदेखी की जा रही है। इस संबंध में संघ के पदाधिकारियों ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता निर्भय सिंह से भी मुलाकात कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
संघ के अध्यक्ष देवेंद्र पाल सिंह और सचिव आशीष रावत ने कहा कि विभाग में कार्य आवंटन की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है। उनका आरोप है कि नियमों के विपरीत कुछ चुनिंदा लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे वर्षों से विभाग में पंजीकृत और पात्र ठेकेदार काम से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। कार्यों के आवंटन में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए पात्र पंजीकृत ठेकेदारों को समान अवसर दिए जाएं। यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो पर्वतीय ठेकेदार संघ आंदोलन शुरू करने को बाध्य होगा। इस दौरान जयप्रकाश, राकेश काला, विपिन चौहान, हरीश नेगी, दिनेश रावत, विकास माहेश्वरी, भास्कर बड़थ्वाल, मोहन पोखरियाल, किशोर लखेड़ा सहित अन्य ठेकेदार मौजूद रहे।