जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : श्री गोरखनाथ पर्यावरणीय संरक्षण एवं संवर्धन समिति की ओर से पौराणिक खैरालिंग महादेव मंदिर परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इस दौरान आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल पर विशेष जोर दिया।
समिति के अध्यक्ष मदन मोहन उनियाल की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि पौधारोपण तभी सार्थक होगा, जब रोपे गए पौधों की नियमित देखभाल की जाए। पौधे बड़े होकर वृक्ष बनेंगे तो पर्यावरण संरक्षण के साथ प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। समिति के सदस्य सतीश चंद्र शर्मा ने संस्था की पर्यावरण संरक्षण संबंधी गतिविधियों की जानकारी देते हुए वनों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक के कारण लोग पारंपरिक खेती से दूरी बना रहे हैं। ऐसे में बंजर होती कृषि भूमि पर फलदार और उपयोगी पौधों का रोपण कर बागवानी को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उमानंद बड़ोला ने कहा कि जंगलों और ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से फैल रहे लैंटाना और काले बांस जैसी आक्रामक प्रजातियों के उन्मूलन के लिए प्रभावी प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि स्थानीय जैव विविधता और वन संपदा को संरक्षित रखा जा सके। इस अवसर पर आरपी पंत, अनिल नेगी, अशोक नेगी, विजय राम पंत, हर्षवर्धन नौटियाल, सुनील उनियाल, प्रेम प्रकाश भट्ट सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।