नारायणबगड़। ब्लॉक मुख्यालय का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भूस्खलन के कारण असुरक्षित हो गया है। पहाड़ी से लगातार मलबा आने से अस्पताल भवन और आवासीय परिसर को खतरा बना है। ब्लाक मुख्यालय पर संचालित प्रीएचसी में दूरदराज के गांवों के लोग पहुंचते हैं। अस्पताल में प्रतिदिन 70 से 80 ओपीडी होती है। जनवरी से जून तक 500 से अधिक आपातकालीन मामले आए हैं और हर माह 10 से 15 प्रसव होते हैं। मगर स्थिति यह है कि बरसात में यहां पहाड़ियों से मलबा आता है। बीते वर्ष यहां भूस्खलन के मलबे को रोकने के लिए अस्पताल परिसर की सुरक्षा दीवारें बनीं लेकिन बीते 25 जून की बारिश में ये दीवारें भी कई जगह क्षतिग्रस्त हो गईं। स्वास्थ्यकर्मियों में मानसून को देखते हुए डर है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. नवीन डिमरी के अनुसार अस्पताल की सुरक्षा के लिए उपाय किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं ब्लॉक प्रमुख गणेश चंदोला ने बताया कि सिंचाई विभाग को चेकडैम बनाने के निर्देश दिए गए हैं।