बेस अस्पताल में लगी घायलों की भीड़
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : दीपावली के त्योहार पर जहां बाजारों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है, वहीं शहर और आसपास के क्षेत्रों में आवारा कुत्तों का आतंक भी बढ़ता जा रहा है। कुत्तों और बंदरों के हमलों में एक ही दिन में 12 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए राजकीय बेस अस्पताल कोटद्वार पहुंचाया गया। इनमें एक राहगीर की जान कुत्ते के हमले में बाल-बाल बची।

शनिवार को अवकाश के चलते राजकीय बेस अस्पताल की ओपीडी बंद रही, लेकिन आपातकालीन वार्ड खुला रहा। सामान्य चिकित्सकीय सेवाओं के लिए आने वाले मरीजों के साथ ही आवारा कुत्तों के हमलों में घायल लोग भी अस्पताल पहुंचते रहे। शनिवार दोपहर तक अस्पताल में दर्जनों घायल उपचार के लिए पहुंच चुके थे। कौड़िया निवासी भूपेंद्र ने बताया कि वह कौड़िया क्षेत्र में एक सार्वजनिक स्थान पर खड़े थे। इसी दौरान अचानक आए एक आवारा कुत्ते ने उन पर बर्बर तरीके से हमला कर दिया। कुत्ते के हमले से वह घायल हो गए। मौके पर मौजूद अन्य राहगीरों ने किसी तरह कुत्ते को भगाकर उनकी जान बचाई। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर तक कुत्तों के काटने से सात, बिल्लियों के काटने से चार और बंदर के हमले में एक व्यक्ति घायल होकर उपचार के लिए पहुंचा। बंदर के हमले में घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार के साथ एंटी रेबीज वैक्सीन भी लगाई गई। वहीं, दीपावली पर्व के चलते बाजारों में भी खासी भीड़भाड़ रही। इसके बावजूद शहर की सड़कों पर गोवंश के झुंड भी मंडराते नजर आए। इससे राहगीरों और बाजार पहुंचने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
आवारा पशुओं पर नियंत्रण की जरूरत
त्योहारी सीजन में बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में आवारा कुत्तों और गोवंश की बढ़ती समस्या लोगों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम और संबंधित विभागों से आवारा कुत्तों पर नियंत्रण, नियमित निगरानी और गोवंश के उचित प्रबंधन की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।