-30 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
नई दिल्ली , दिल्ली उच्च न्यायालय ने प्रतिबंधित महिला अलगाववादी संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत की संस्थापक एवं कश्मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी तथा उनकी दो सहयोगियों की याचिका पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जवाब तलब किया है। तीनों ने आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े मामले में निचली अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने और सजा सुनाए जाने के आदेश को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति विकास महाजन की खंडपीठ ने सोमवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी को नोटिस जारी करते हुए मामले में अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया। अदालत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी की ओर से उपस्थित अधिवक्ता अक्षय मलिक को आदेश दिया कि वे आसिया अंद्राबी और उनकी दो सहयोगियों द्वारा दायर सजा निलंबन याचिका पर औपचारिक जवाब दाखिल करें।
सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी की ओर से अदालत से आग्रह किया गया कि याचिकाकर्ताओं को किसी प्रकार की राहत न दी जाए। एजेंसी के अधिवक्ता ने दलील दी कि यह अपील राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम के तहत निर्धारित कानूनी समय-सीमा समाप्त होने के बाद दायर की गई है, इसलिए इसे विचारणीय नहीं माना जाना चाहिए।
मामले की अगली सुनवाई के लिए उच्च न्यायालय ने 30 सितंबर की तिथि निर्धारित की है।
आसिया अंद्राबी, सोफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन ने निचली अदालत के 14 जनवरी और 24 मार्च के आदेशों को चुनौती देते हुए यह अपील दायर की है। यह अपील विचारण न्यायालय के दो अलग-अलग निर्णयों के विरुद्ध प्रस्तुत की गई है।
उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष 14 जनवरी को विचारण न्यायालय के न्यायाधीश चंद्रजीत सिंह ने तीनों महिलाओं को गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम तथा भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया था।
इसके बाद 24 मार्च को अदालत ने आसिया अंद्राबी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जबकि उनकी दोनों सहयोगियों सोफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन को 30-30 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी गई थी।
अब इस मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय राष्ट्रीय जांच एजेंसी का पक्ष सुनने के बाद आगे की सुनवाई करेगा। मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी, जिसमें याचिका की ग्राह्यता और सजा निलंबन संबंधी मांग पर विस्तृत विचार किया जाएगा।