आपातकाल की वर्षगांठ पर लोकतंत्र सेनानी नरेंद्र उनियाल व अन्य को मिला सम्मान

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ पर भारतीय जनता पार्टी ने लोकतंत्र सेनानी व पत्रकार नरेंद्र उनियाल सहित अन्य लोगों को सम्मानित किया। कहा कि आपातकाल देश के इतिहास पर काला धब्बा है। ऐसे में लोकतंत्र के सेनानियों ने इसके खिलाफ आवाज बुलंद की थी। जिससे उन्हें जेल तक जाना पड़ा। देश सेवा में दिया गया लोकतंत्र के सेनानियों का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।
भाजपा कार्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें भाजपा जिलाध्यक्ष राज गौरव नौटियाल व महापौर शैलेंद्र सिंह रावत ने स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन सरकार ने सत्ता बचाने के लिए आपातकाल लागू कर देश में मौलिक अधिकारों का हनन किया और विपक्षी नेताओं व कार्यकर्ताओं को जेलों में बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और बलिदान के कारण ही देश में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा संभव हो सकी। महापौर शैलेंद्र सिंह रावत ने अपने संबोधन में कहा कि आपातकाल के दौरान देश की जनता को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए अनेक नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जेल में यातनाएं सही। लेकिन, उन्होंने तानाशाही के सामने झुकने से इनकार किया। कार्यक्रम के दौरान लोकतंत्र सेनानी व पत्रकार स्व. नरेंद्र उनियाल के योगदान को याद करते हुए उनके भाई नागेंद्र उनियाल को सम्मान सौंपा गया। कार्यक्रम के दौरान नरेंद्र गोयल, स्व. रामचंद्र वर्मा के पुत्र कैलाश वर्मा, स्व. बृजमोहन गोयल के पुत्र राकेश गोयल को सम्मानित किया गया। इस मौके पर भाजपा नेता उमेश त्रिपाठी, जिला उपाध्यक्ष हरी सिंह पुंडीर, विजयानंद पोखरियाल, नगर अध्यक्ष विकास दीप मित्तल, अल्पसंख्यक मोर्चा जिलाध्यक्ष सरदार गुरबचन सिंह, महिला मोर्चा अध्यक्ष शशिबाला केष्टवाल, पार्षद रजनीश बेबनी आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री सुरेंद्र आर्य ने किया।

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