विकासनगर। चकराता प्रखंड के दूरस्थ ग्राम म्यूंडा में मंगलवार रात अचानक गड़ाक खड्ड के उफान पर आने से भारी नुकसान हुआ। आपदा के चलते चायला छानी, खुड़ा छानी, मजुका छानी और गडाड़ी छानी क्षेत्रों में पैदल पगडंडियां, रास्ते तथा ग्रामीणों के खेत क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद गुरुवार को उपजिलाधिकारी चकराता ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में भारी बारिश के चलते बरसाती खड्डों में अचानक पानी और मलबा बढ़ गया। गडाड़ छानी के दोनों ओर स्थित खड्डों में बादल फटने जैसी स्थिति बनने से भारी मात्रा में मलबा गांव की ओर आ गया, जिससे किसानों के खेत पूरी तरह प्रभावित हो गए और कई स्थानों पर खेती नष्ट हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और तहसील प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। ग्रामीणों की सूझबूझ से छानियों में फंसे परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।ग्रामीण संजय चौहान ने बताया कि आपदा बेहद भयावह थी और उनका परिवार भी छानी में फंस गया था, जिसे समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया। उन्होंने कहा कि किशन सिंह, सुरेंद्र सिंह, सुल्तान सिंह, केशर सिंह, पूरण सिंह, कृपा सिंह, सवांरू दास और संजय कुमार समेत कई किसानों के खेतों में भारी मलबा भर गया है। उपजिलाधिकारी चकराता प्रेम लाल ने बताया कि मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया गया है तथा रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आगे आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।