हल्द्वानी। तहसील परिसर में प्रस्तावित ‘नमो भवन’ फाइलों में तो मौजूद है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम दूर है। वहीं, मौजूदा अंग्रेजों जमाने की जर्जर इमारतों में दीवारों पर गहरी दरारें, प्लास्टर झड़ना, छतों पर पेड़-घास उगना और जड़ों का कमरों में फैलना जैसे हालात हैं।
फाइलों में भले ही तहसील परिसर में प्रस्तावित नमो भवन की बुनियाद डाली जा चुकी है लेकिन धरातल पर अभी यह दूर है। दूसरी ओर तहसील के वर्षों पुराने मौजूदा जर्जर भवनों में काम कर रहे कर्मचारियों की जान हथेली पर है। तहसील परिसर के अधिकांश अंग्रेजों के जमाने के कुछ भवनों की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। दीवारों का प्लास्टर लगातार झड़ रहा है। छत में पेड़, घास उगी हुई हैं। पेड़ों की जड़ें कमरों के भीतर फैल रही हैं। ऐसे में बरसात के मौसम में टूटती छतों, दरकती दीवारों और सीलन भरे कमरों के बीच कर्मचारी हर दिन जोखिम में डालकर सरकारी कामकाज निपटाने को मजबूर हैं।