कीर्तिनगर : ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों का मटेरियल भुगतान डेढ़ वर्ष से अधिक समय से लंबित होने से पूर्व जनप्रतिनिधियों में नाराजगी है। पूर्व प्रधानों का आरोप है कि सरकार नई योजनाओं की घोषणाएं कर विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन पहले से पूरे हो चुके विकास कार्यों की देनदारियां तक नहीं चुका पा रही है।
ग्राम पंचायत चुनाव से पहले विकासखंड की कई ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत आंगनबाड़ी भवन, चेकडैम, शौचालय समेत कई विकास कार्य कराए गए थे। इन कार्यों का निर्माण पूरा होने के बाद संबंधित विभागों को सौंप दिया गया। बावजूद इसके निर्माण सामग्री का भुगतान अब तक नहीं हो सका है। इससे पूर्व प्रधानों और वेंडरों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। नाम न छापने की शर्त पर पूर्व ग्राम प्रधानों ने बताया कि प्रत्येक विकास कार्य में पांच से छ: लाख रुपये तक की निर्माण सामग्री लगी थी। कई स्थानों पर पूर्व प्रधानों ने अपनी जेब से धन खर्च कर सामग्री खरीदी थी। मगर डेढ़ वर्ष बाद भी भुगतान नहीं होने से अब वही वेंडर रोज भुगतान की मांग कर रहे हैं। यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे। वहीं कीर्तिनगर खंड विकास अधिकारी सुमनलता का कहना है कि मनरेगा के मटेरियल भुगतान के लिए शासन स्तर से बजट प्राप्त हुआ था। कई वेंडरों के भुगतान भी किए जा चुके हैं। मगर तकनीकी समस्या के कारण कुछ फर्मों का भुगतान शेष है। तकनीकी समस्या दूर होते ही फर्मों को शेष भुगतान भी किया जाएगा। (एजेंसी)