जयन्त प्रतिनिधि। कोटद्वार : बीती रात हुई अतिवृष्टि से तहसील सतपुली के विभिन्न क्षेत्रों में उत्पन्न आपदा की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिए। महरगांव में भूस्खलन से क्षतिग्रस्त दो मंजिला भवन में दबे तीन लोगों को बचाने के लिए प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस एवं स्थानीय ग्रामीणों के समन्वित प्रयासों से तेजी से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। अभियान में मलबे में दबे तीनों व्यक्तियों जिसमें दो वर्षीय मासूम रुद्राक्ष पुत्र नवीन सिंह , धीरेंद्र सिंह पुत्र प्रताप सिंह, उम्र करीब 46 वर्ष और मथुरा देवी पत्नी प्रताप सिंह के शव बरामद कर लिए गए है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया स्वयं करीब 3 किलोमीटर पैदल दुर्गम मार्ग से ग्राम महरगांव पहुंचीं और मौके पर राहत एवं बचाव कार्यों की कमान संभाली। उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन की लगातार निगरानी करते हुए मौके पर मौजूद अधिकारियों एवं बचाव दलों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने बताया कि भूस्खलन की घटना में मलबे में दबे तीनों शव बरामद कर लिए गए हैं। घटनास्थल पर जिलाधिकारी ने प्रभावित परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और घटना की जानकारी ली। बालक के पिता ने जिलाधिकारी को घटनाक्रम से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने बालक की माता तथा अन्य परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना देते हुए कहा कि इस कठिन समय में जिला प्रशासन परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आपदा राहत के अतिरिक्त परिवार को किसी अन्य प्रकार की आवश्यकता होने पर भी हरसंभव सहायता उपलब्ध करायी जाएगी।
जिला प्रशासन द्वारा मृतकों के परिजनों को तत्काल राहत पहुंचाते हुए प्रत्येक मृतक के लिए 4-4 लाख रुपये तथा क्षतिग्रस्त भवन के लिए 2 लाख रुपये सहित कुल 14 लाख रुपये की राहत राशि प्रदान की गई है। सभी शव बरामद होने के बाद पोस्टमार्टम की कार्यवाही की जाएगी। इस मौके पर एडीएम एफ आर चौहान, उपजिलाधिकारी रेखा आर्य, तहसीलदार लैंसडौन विद्यादत्त सेमवाल, प्रभारी निरीक्षक रमेश तनवर, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग आदि उपस्थित रहे।