खेत में उतरे डीएम, काटी गेहूं की फसल

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जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को किया खेती के प्रति प्रोत्साहित
ग्रामीणों ने डीएम को बताई जंगली जानवरों की समस्या
जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : ग्रामीणों को खेती के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए जिलाधिकारी डॉ.विजय कुमार जोगदंउे ने खेतों में पहुंचकर गेहूं की फसल की कटाई की। उन्होंने ग्रामीणों से अपनी आर्थिकी को बढ़ाने के लिए खेती को बढ़ावा देने की अपील की। कहा कि ग्रामीणों को खेती के प्रति जागरूक करने के लिए सरकारी की ओर से कई कल्याणकारी योजनाएं भी चलाई जा रही है। ग्रामीणों से अधिक से अधिक योजनाओं का लाभ लेना चाहिए। इस दौरान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को जंगली जानवरों से खेती को होने वाली नुकसान से भी अवगत करवाया।
गुरुवार को जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने तहसील पौड़ी के अंतर्गत गगवाडस्यूं पट्टी के ग्राम पंचायत उज्याड़ी में गेहूं की फसल पर की जा रही क्रॉप कटिंग का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने गेहूं की पकी फसल काटकर क्रॉप कटिंग का शुभारंभ किया। राजस्व विभाग ने उज्याड़ी गांव के कृषक सुदर्शन नेगी के गेहूं के खेत में 30 वर्ग मीटर का प्लाट बनाकर सीसीई एग्री ऐप के माध्यम से क्रॉप कटिंग का प्रयोग किया। जिसमे 9 किलो 200 ग्राम गेहूं की फसल प्राप्त हुई। जिलाधिकारी ने खेत का नक्शा, खसरा, रजिस्टर आदि भू-अभिलेखों की जांच करते हुए किसानों से बोये गए गेहूं के बीज के बारे में जानकारी ली। जिलाधिकारी को अपने मध्य पाकर ग्रामीण प्रसन्न दिखे तथा गांव की समस्याओं से भी अवगत कराया। जिस पर जिलाधिकारी ने शीघ्र निस्तारण करने का भरोसा दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि क्रॉप कटिंग प्रयोगों के आधार पर ही जिले में फसलों की औसत उपज और उत्पादन के आंकड़े तैयार किए जाते हैं, जिससे जिले में हो रहे उत्पादन की सटीक जानकारी हासिल की जाती है। अंतिम आंकड़े परीक्षण के उपरांत राज्य स्तर पर कृषि निदेशालय जारी करता है। कहा कि क्रॉप कटिंग के प्रयोगों से प्राप्त उत्पादन के आंकड़ों के आधार पर क्षतिपूर्ति और फसल बीमा की राशि निर्धारित की जाती है। उन्होंने कहा कि सम्बन्धित अधिकारियों को क्षेत्र बांटकर क्रॉप कटिंग की कार्यवाही सम्पन्न कराने के निर्देश दिए हैं। कहा कि समस्त तहसीलों में क्षेत्रवार क्रॉप कटिंग की जा रही है। क्रॉप कटिंग के आधार पर ही फसल उत्पादन का डाटा तैयार किया जाता है। जिससे क्षेत्र में फसल उत्पादन की सही जानकारी मिल सकेग। जिलाधिकारी डॉ. जोगदंडे ने उज्याड़ी गांव में स्थानीय लोगों की समस्याएं भी सुनी। ग्रामीणों ने जंगली सुंवरों द्वारा फसलों को नष्ट करने तथा गांव के उपरी ओर बन रही सड़क से पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दी गयी। जिलाधिकारी ने क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन को सुचारू करने के लिए कार्यदायी संस्था को दूरभाष के माध्यम से निर्देश दिये। उन्होंने खेतों में घेरबाड़ करने, सड़कों की स्थिति सुधारने, सिंचाई नहर सुचारू करने, कृषि विभाग से बीज उपलब्ध कराने तथा पशुओं द्वारा फसल नष्ट सहित अन्य समस्याओं का निस्तारण हेतु कार्यवाही करने का आश्वाशन दिया। इस अवसर ग्राम सहायक भू लेख अधिकारी पूरन प्रकाश रावत, अपर जिला सांख्यिकी अधिकारी रविन्द्र चौहान, राजस्व उपनिरीक्षक गगवाडस्यूं गौरव लिंगवाल, प्रधान उज्याड़ी/कृषक सुदर्शन सिंह नेगी, पूर्व प्रधान केसर सिंह कठैत सहित समिला देवी, ज्योति देवी, रानी देवी, सुचिता देवी उपस्थित थे।

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