चेन्नई, तमिलनाडु चुनाव में बड़ी जीत दर्ज करने वाले मुख्यमंत्री थलापति विजय (सी जोसेफ विजय) बुधवार को विधानसभा के बहुमत परीक्षण में भी पास हो गए। विजय ने बुधवार को विश्वास मत का प्रस्ताव पेश किया था, जिसमें कांग्रेस और वामदल समेत अन्य सहयोगी पार्टियों के अलावा अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) ने भी समर्थन किया। राज्य की 234 सीटों में बहुमत के लिए 118 सीटें चाहिए, जबकि तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) को 144 विधायकों का समर्थन मिला है।
चुनाव में टीवीके ने 108 सीट जीती थी, जिसमें 106 विधायक बुधवार को मौजूद थे। विजय के एक विधायक को मद्रास हाई कोर्ट ने विधानसभा कार्यवाही से बाहर रखा है, जबकि विजय ने खुद 2 सीट है। विधानसभा में टीवीके को कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआईएम), विदुतलाई चिरुथाइगल काची (वीसीके) और मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के 13 विधायकों का समर्थन मिला। एआईएडीएमके में सीवी शनमुगम के गुट से 24 विधायकों ने समर्थन किया, जिससे आंकड़ा 144 पहुंचा।
द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के 59 विधायकों ने सदन से वॉक-आउट कर दिया। इससे विजय को बहुमत साबित करने में आसानी हुई और बहुमत का आंकड़ा 88 रह गया। एआईएडीएमके ने चुनाव में 47 सीट जीती है, जिसमें 25 विधायकों ने शनमुगम के नेतृत्व में विजय को समर्थन दिया। ऐसे में एआईएडीएमके के केवल 22 विधायकों ने विश्वास मत का विरोध किया। भाजपा के एक और क्करू्य के 4 विधायकों में मतदान में भाग नहीं लिया।
विश्वास मत जीतने के बाद मुख्यमंत्री विजय ने अपने भाषण में कहा कि वह जानते हैं कि उनकी सरकार अल्पमत की सरकार है और इसी से उनको मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राज्य में लोगों के लिए और धर्मनिरपेक्ष सरकार के रूप में काम करेगी। सरकार अल्पसंख्यकों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। डीएमके के विधायक दल के नेता उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि विजय को बहुमत नहीं मिला है, ऐसे में राष्ट्रपति शासन लागू होना चाहिए।
एआईएडीएमके ने मंगलवार को घोषणा की थी कि वह बुधवार को विधानसभा में टीवीके सरकार के विश्वास प्रस्ताव के खिलाफ मतदान करेगी। पार्टी के वरिष्ठ नेता एग्री एसएस कृष्णमूर्ति ने कहा अगर कोई विधायक क्रॉस-वोटिंग में शामिल होता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। इससे पहले टीवीके के सहयोगी दलों ने पहले ही विजय को समर्थन देने की घोषणा कर दी थी।
मद्रास हाई कोर्ट ने तिरुप्पत्तूर से टीवीके के विधायक आर सीनिवास सेतुपति को मंगलवार को होने वाली विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने से रोक दिया। कोर्ट ने आदेश तिरुप्पत्तूर निर्वाचन क्षेत्र में उनके प्रतिद्वंद्वी और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के उम्मीदवार केआर पेरियाकरुप्पन की याचिका पर दिया है। पेरियाकरुप्पन सेतुपति से मात्र एक वोट से हारे हैं। कोर्ट ने सेतुपति को अगले आदेश तक सदन की कार्यवाही में भाग लेने से रोक दिया है।