उत्तराखंड में बिजली की मांग ने तोड़ा रिकॉर्ड

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देहरादून। जून की गर्मी में पिछले दो दिनों में बिजली की मांग ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बिजली की मांग करीब 6.5 करोड़ यूनिट पहुंच गई है। बिजलीघरों पर इतना लोड हो रहा है कि कई जगह ट्रिपिंग की समस्या आ रही है। हालांकि आधिकारिक तौर पर यूपीसीएल कहीं भी घोषित कटौती से इन्कार कर रहा है।
जून महीने में बिजली की मांग ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। राज्य में गर्मी और अन्य कारणों से बिजली की खपत में लगातार उछाल देखा जा रहा है। इस माह में अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो बिजली की मांग में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जून माह में बिजली की सकल ऊर्जा मांग का ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ा है।
जून की शुरुआत में जहां यह मांग 4.6 करोड़ यूनिट थी। 26 जून तक यह बढ़कर करीब 6.5 करोड़ यूनिट के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।
दो दिन के भीतर ही बिजली की मांग 5.9 करोड़ यूनिट से बढ़कर 6.5 करोड़ यूनिट के आंकड़े के करीब पहुंच गई। मांग के सापेक्ष उपलब्धता को देखें तो राज्य पूल से करीब 1.6 करोड़ यूनिट बिजली उपलब्ध है। केंद्रीय पूल से 2.1 करोड़ यूनिट और अन्य स्रोतों से 1.8 करोड़ यूनिट बिजली उपलब्ध है।
ओवरलोड से हांफ रहे बिजलीघर
जैसे-जैसे तापमान में बढ़ोतरी हो रही है, राज्य के पावर ग्रिड पर भार भी बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को भी ऋषिकेश में ओवरलोडिंग की वजह से 132 केवी ज्वालापुर बिजलीघर में एक घंटे की कटौती हुई। 132 केवी पदार्था में 20 मिनट की कटौती हुई। 160 एमवीए ट्रांसफार्मर श्रीनगर पर ओवरलोडिंग के कारण 132 केवी पदार्था बिजलीघर में एक घंटा 20 मिनट, 132 केवी ज्वालापुर-चीला लाइन और 132 केवी ज्वालापुर-ऋषिकेश लाइन में ट्रिपिंग की वजह से 132 केवी ज्वालापुर बिजलीघर में 16 मिनट की कटौती हुई। इसके अलावा श्रीनगर में ट्रिपिंग के कारण 132 केवी श्रीनगर, सिमली, सतपुली और कोटद्वार में 22 मिनट की कटौती करनी पड़ी।

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