भर्ती घोटालों के विरोध में निकाला रोजगार अधिकार मार्च, सीबीआई जांच की मांग की

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जयन्त प्रतिनिधि।
श्रीनगर : उत्तराखंड में हुए भर्ती घोटालों और विधानसभा में हुई गैर कानूनी बैकडोर भर्तियों के खिलाफ छात्र संगठन आइसा के आह्वान पर राज्य सरकार के खिलाफ बिड़ला परिसर से गोला बाजार तक रोजगार अधिकार मार्च का आयोजन किया। जिसमें कई संगठनों के लोग, सामाजिक कार्यकर्ता व युवा शामिल हुए।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि इस मामले में एसटीएफ और पुलिस हर दिन किसी न किसी को गिरफ्तार कर रही है। साथ प्रदेश के प्रमुख राजनीतिक चेहरों का नाम भी बैकडोर और गैरकानूनी नियुक्तियों में सामने आ चुका है। उन्होंने उक्त मामलों की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग की। रोजगार अधिकारी मार्च के दौरान युवाओं ने कहा कि भर्ती घपले में कई बड़े नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। भाकपा माले के गढ़वाल सचिव इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि पूरे देश में गैर भाजपाई राज्यों में सीबीआई बिना बुलावे के पहुंच रही है। लेकिन उत्तराखंड में छात्रों, युवाओं के बुलावे पर भी नहीं आ रही है, तो इसका साफ अर्थ है कि सत्ता पक्ष इस पूरे मामले में संलिप्त है। इसलिए युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वाली इस व्यवस्था की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सामाजिक कार्यकर्ता एवं राज्य आंदोलनकारी अनिल स्वामी ने कहा की इन भर्ती घोटालों का सबसे ज्यादा नुकसान मेहनती छात्रों को हो रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालयों के छात्रों और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को आगे आने की आवश्यकता बताई। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अंकित उछोली, पूर्व छात्र संघ प्रतिनिधि शिवानी पांडे, रॉबिन सिंह ने इस भर्ती घोटाला की निष्पक्ष जांच की जाए ताकि भविष्य में इस तरह के घोटाले सामने ना आए। प्रदर्शन में वरिष्ठ पत्रकार गंगा असनोड़ा, योगेंद्र कांडपाल, वीरेंद्र वर्मा, रविशा पंवार, प्रतिभा भट्ट, पिंकी रावत, तुषार नेगी, पियूष, अनूप बिजल्वाण, वैभव, राहुल रावत, अंशुमन, सुमित, राजेंद्र सिंह, समरवीर, गिरीश रावत, रीना साही, देवेंद्र सिंह आदि शामिल रहे।

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