रामनगर (नैनीताल)। उत्तराखण्ड के रामनगर वन प्रभाग से सटे कॉर्बेट क्षेत्र में शुक्रवार तड़के वन विभाग और खैर की लकड़ी की तस्करी करने पहुंचे हथियारबंद तस्करों के बीच मुठभेड़ हो गई। करीब 15 राउंड फायरिंग के बाद तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर फरार हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
हालांकि तस्कर पकड़ में नहीं आए, लेकिन उनकी तीन मोटरसाइकिलें मौके से बरामद कर वन विभाग ने कब्जे में ले ली हैं।
गश्त के दौरान सामने आए संदिग्ध
जानकारी के अनुसार, घटना रामनगर वन प्रभाग की गुलजारपुर बीट के एन-2 क्षेत्र की है। शुक्रवार तड़के करीब ढाई से तीन बजे के बीच वन विभाग की टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान जंगल के भीतर संदिग्ध गतिविधियां दिखाई देने पर वन कर्मियों ने क्षेत्र की घेराबंदी शुरू की। बताया जा रहा है कि तस्कर खैर के पेड़ों की अवैध कटाई करने पहुंचे थे। खुद को चारों ओर से घिरता देख उन्होंने वन कर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी।
वन विभाग ने किया जवाबी फायर
तस्करों की गोलीबारी के जवाब में वन विभाग की टीम ने भी करीब 15 राउंड फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई से तस्करों में अफरा-तफरी मच गई और वे अंधेरे का लाभ उठाकर जंगल के भीतर फरार हो गए।
घटना के बाद पूरी रात जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन तस्करों का कोई सुराग नहीं मिल सका।
तीन मोटरसाइकिलें बरामद
तलाशी अभियान के दौरान वन विभाग को घटनास्थल से तस्करों की तीन मोटरसाइकिलें बरामद हुईं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इन वाहनों का उपयोग खैर की लकड़ी की तस्करी के लिए किया जा रहा था। तीनों मोटरसाइकिलों को कब्जे में लेकर जुड़का वन परिसर में सीज कर दिया गया है।
अज्ञात तस्करों पर मुकदमा दर्ज
रामनगर वन प्रभाग के रेंजर शेखर तिवारी ने बताया कि अज्ञात तस्करों के खिलाफ वन अपराध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
वहीं प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) प्रकाश चंद्र आर्या ने बताया कि तस्करों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। उन्होंने कहा कि खैर की अवैध कटाई और लकड़ी की तस्करी में शामिल गिरोहों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।