मतदाता सूची से नाम हटाने में अनियमितता का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने का आरोप लगाते हुए जिला कांग्रेस कमेटी ने शनिवार को प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया और निष्पक्ष जांच की मांग की।

जिलाध्यक्ष विकास नेगी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता दुगड्डा स्थित चौराहे पर एकत्र हुए। इस दौरान उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर नाराजगी जताई। विकास नेगी ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से बाहर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। देश के अन्य हिस्सों में भी कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करते हुए कहा कि यदि एसआईआर प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन अथवा अनियमितता प्रमाणित होती है तो इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता महत्वपूर्ण है। किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटना चाहिए और प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। कांग्रेस ने कहा कि वह इस मुद्दे को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी। वहीं, निर्वाचन आयोग की ओर से एसआईआर के लिए ऑनलाइन सेवाएं, नाम खोजने, दस्तावेज जमा करने और अपील जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उत्तराखंड में अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख 3 अक्टूबर निर्धारित की गई है। प्रदर्शन के दौरान पूर्व अध्यक्ष विनोद डबराल, पियूष कैंत्यूरा, विमल बिष्ट, दीपक बिष्ट, नितेश ठाकुर और संजय तोमर आदि मौजूद रहे।