देहरादून। उत्तराखंड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की ओर से अपनी मांगों को लेकर जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। इसके माध्यम से 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता में छूट देने की मांग को प्रमुखता से उठाया गया है। अध्यक्ष हुकुम सिंह तोमर ने बताया कि एनसीटीई के द्वारा 23 अगस्त 2010 को प्रारंभिक शिक्षकों को नियुक्ति की अर्हता निर्धारित की गई है। जिसमें टीईटी की अनिवार्यता का प्रावधान किया गया है। यह प्रावधान 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षक, शिक्षिकाओं पर बाध्यकारी नहीं हो, इसके लिए आरटीई एक्ट की धारा -23 (2) में संशोधन किया जाए।
जब तक संशोधन नहीं हो जाता, तब तक इस संबंध में अध्यादेश लाया जाए। ताकि शिक्षक शिक्षिकाओं की पदोन्नति व सेवा संबंधित शर्तों पर किसी प्रकार की कठिनाई उत्पन्न नहीं हो। उन्होंने इस बिंदु पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की अपील की है। इस दौरान हुकम सिंह तोमर, अनिता नेगी, अमिता रावत, सतीश घिल्डियाल, आरती शर्मा, अनिल डिमरी, सुरेंद्र मनवाल, शिवानी वर्मा आदि मौजूद थे।