उत्तरकाशी। जनपद के निराकोट को जोड़ने वाले पैदल मार्ग पर जगह-जगह भू-धंसाव होने के कारण वह क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे ग्रामीणों को पहाड़ी पर जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। मार्ग पर हो रहे भू-धंसाव के कारण जसपुर गांव के भवनों पर भी खतरा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क कटिंग के बाद से जसपुर सहित सिल्याण गांव और निराकोट गांव के पैदल मार्ग पर हर बरसात में भू-धंसाव के साथ भूस्खलन जारी है।
स्थानीय निवासी विकास नौटियाल, पूर्व प्रधान जितेंद्र गुसाईं, रजनीश भट्ट, सर्वेश भट्ट ने कहा कि जसपुर से निराकोट को जोड़ने वाला करीब दो किमी का पैदल मार्ग जगह-जगह से भू-धंसाव के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे निराकोट गांव के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। क्योंकि सड़क से न जुड़ने के कारण गांव को जोड़ने वाला यह ही एक मुख्य मार्ग है। इसलिए क्षतिग्रस्त मार्ग पर लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं।
दूसरी ओर इस मार्ग पर भू-धंसाव होने के कारण इसके आसपास जसपुर गांव की आवासीय बस्ती पर भी खतरा बढ़ गया है। बरसात में भू-धंसाव अधिक होने के कारण इसकी चपेट में आवासीय भवन आने से बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान मानकों के विपरीत की गई कटिंग के कारण पिछले कुछ वर्षों से जसपुर, सिल्याण गांव में भू-धंसाव का खतरा अधिक बढ़ गया है। सिल्याण और जसपुर में कई घरों में दरारें पड़ी हुई है। जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की ओर से मात्र सर्वे कर हर साल अपना पल्ला झाड़ दिया जाता है लेकिन आज तक सुरक्षात्मक कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं।