जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : संवाद आर्ट की नाट्य प्रस्तुति ‘गौरा देवी’ में महिलाओं के संघर्ष और जल, जंगल व जमीन के संरक्षण की लड़ाई को प्रभावशाली ढंग से मंचित किया गया। नाटक में गौरा देवी के जीवन संघर्ष से लेकर चिपको आंदोलन में उनकी भूमिका को जीवंत किया गया।

नाटक में दिखाया गया कि महज 12 वर्ष की उम्र में गौरा का विवाह हो गया। बेटे के जन्म के बाद कम उम्र में ही पति की मृत्यु हो गई, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। उन्होंने महिलाओं को संगठित किया। जंगलों की कटाई के लिए पहुंचे ठेकेदारों का महिलाओं ने विरोध किया और पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधकर उनकी रक्षा का संकल्प लिया। ठेकेदारों के जबरन पेड़ काटने की कोशिश पर महिलाएं पेड़ों से लिपट गईं और रातभर जंगल की रक्षा करती रहीं। नाटक का निर्देशन अनूप गुसाईं ने किया। सुधांशु नौडियाल, आयुष, श्रेयक, अदिति रुडोला, दृष्टि, ऋषभ और अर्चना आदि कलाकारों ने अभिनय किया। प्रस्तुति में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन का विशेष सहयोग रहा।