हाथी दांत तस्करी मामले में फारेस्ट गार्ड निलंबित, फॉरेस्टर और रेंजर एसडीओ कार्यालय से अटैच

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रुद्रपुर। हाथी दांत की तस्करी के मामले में वन विभाग ने वन अधिकारी और कर्मचारियों की मिलीभगत की जांच शुरू कर दी है। इसके तहत तराई केंद्रीय वन प्रभाग की डीएफओ डा.अभिलाषा सिंह ने लापरवाही में फारेस्ट गार्ड को निलंबित कर दिया है। वहीं फारेस्टर और आरओ को एसडीओ कार्यालय से अटैच कर दिया है।
बुधवार को एसटीएफ और वन विभाग की संयुक्त टीम ने रुद्रपुर काशीपुर रोड से आठ किलो वजनी हाथी दांत के साथ चार तस्करों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में तस्करों ने बताया था कि दो माह पहले उन्होंने मरे हुए हाथी के दांत निकाले थे। लेकिन वन विभाग को किसी हाथी के मरने की सूचना तक नहीं थी। गुरुवार को तराई केंद्रीय वन प्रभाग की डीएफओ डा.अभिलाषा पीपलपड़ाव रेंज पहुंची। जहां उन्होंने वन अधिकारी और कर्मचारियों से जानकारी ली। बाद में डीएफओ की निगरानी में तस्करों की निशानदेही पर बरामद हाथी के शव को पोस्टमार्टम के बाद दफना दिया गया। इस दौरान वन कर्मियों की लापरवाही को देखते हुए डीएफओ ने फॉरेस्ट गार्ड नवल किशोर को निलंबित कर दिया। फॉरेस्टर दुर्गा दत्त मेलकानी और रेंजर भूपाल ङ्क्षसह कैड़ा को एसडीओ कार्यालय से अटैच कर दिया है। साथ ही उन्होंने तस्करों से वन अधिकारी और कर्मचारियों की मिलीभगत की जांच एसडीओ ध्रुव ङ्क्षसह मर्तोलिया को सौंप दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद हाथी के मौत के कारणों की पुष्टि होगी।

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