मानव पहुंचा रहा ओजोन परत को नुकसान

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जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : राठ महाविद्यालय पैठाणी में विश्व ओजोन दिवस के अवसर पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि मानव अपने फायदे के लिए ओजोन परत को नुकसान पहुंचा रहा है। इसे रोका जाना अति आवश्यक है।
कार्यशाला में महाविद्यालय के प्राचार्य डा. जितेंद्र नेगी ने कहा कि ओजोन का अल्ट्रा वायलेट किरणों से दिन में टूटना और रात में फिर निर्मित होना सदियों से जारी प्रक्रिया है। जिससे ओजोन परत को कोई नुकसान नहीं हो रहा था, लेकिन वर्तमान में हो रहा नुकसान मानव जनित है। खासकर विकसित देशों का इसमें सबसे बड़ा योगदान है। बताया कि मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के 35 साल पूरे हो गए है। 197 देशों ने इस प्रोटोकॉल में सिग्नेचर किए हैं। इस अवसर पर दीक्षा, अनीता, मीनाक्षी, कुलदीप, कविंद्र, रुक्मणि, साक्षी ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में लक्ष्मी नौटियाल, देवकृष्ण, श्याम मोहन सिंह, अखिलेश सिंह, उमेश बंसल, अरविंद कुमार, वीरेंद्र चंद, प्रदीप कुमार एवं कला संकाय आदि शामिल थे। संचालन डा. देवकृष्ण ने किया।

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