उत्तराखंड

गुरुद्वारे में बैसाखी पर सौ लोगों को अमृत पान कराया

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रुद्रपुर। त्याग और बलिदान की परंपरा के वाहक खालसा पंथ के स्थापना दिवस और बैसाखी का कार्यक्रम स्थानीय माता साहिब कौर गुरुद्वारे में बड़ी ही श्रद्घा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सजाए गए धार्मिक दीवान में देश के कोने-कोने से आए जात्थेदार कथावाचकों ने गुरु की महिमा का आकर्षक ढंग से बखान किया। इस दौरान लगभग 100 लोगों को अमृत पान कराकर गुरु वाले बनाया। गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी श्री गुरुद्वारा माता साहिब कौर में बैसाखी के अवसर पर तीन दिवसीय धार्मिक दीवान सजाया गया। शुक्रवार को समागम के तीसरे दिन यूपी पंजाब से आए विभिन्न रागी और ढाडी जत्थों ने खालसा पंथ की स्थापना और गुरुओं की महिमा का बखान किया। बाबा बचन सिंह ने कहा कि सिख धर्म ही ऐसा धर्म है, जिसमें किसी प्रकार का कोई भेदभाव या ऊंच नीच की भावना नहीं है। खालसा पंथ की स्थापना भी गुरु गोबिंद सिंह ने हिंदुओं को मुगलों के उत्पीड़न से बचाने और उनकी रक्षा करने के लिए की थी। सच्चा सिख वही है जो गुरु के बताए मार्ग पर निडर होकर चलता है और समाज के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने के लिए तैयार रहता है। गुरु घर के दास और गुरुद्वारा माता साहिब कौर के सरपंच बाबा गुरदेव सिंह उपस्थित संगत से गुरु के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। इस अवसर पर दिल्ली से आए कार सेवा के प्रमुख संत बाबा बचन सिंह, ननकपुरी टांडा से गुरु जंट सिंह तथा बाबा गुरदेव सिंह तथा ड़क कुलवंत सिंह, कुलवंत गौरया, गुरमुख सिंह, जसबीर सिंह, समेत भारी संख्या में संगत मौजूद थे।

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