जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : तीन वर्ष पुराने दहेज हत्या से संबंधित एक मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने आरोपित पति को दोषमुक्त करार दिया है।
बताते चलें कि 30 अगस्त 2023 को लकड़ीपड़ाव निवासी खुशियाना (25 वर्ष) पत्नी इजहार आलम की संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगने से मौत हो गई। मामले में खुशियाना के जीजा नाहिर आलम की ओर से पुलिस में इजहार आलम के खिलाफ तहरीर दी गई। तहरीर में इजहार पर उनकी साली को कम दहेज लाने के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया था। यह भी कहा गया कि घटना वाले दिन भी इजहार ने उनकी साली से मारपीट की, जिससे क्षुब्ध होकर उसने फांसी लगा दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर दिया और एक नवंबर 2023 को इजहार को गिरफ्तार कर दिया। 16 जुलाई 2024 को इजहार को न्यायालय से जमानत मिली। इस बीच 25 अक्टूबर 2023 को पुलिस ने अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिए। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सोलह गवाह पेश किए गए, जबकि बचाव पक्ष की ओर से कोई गवाह पेश नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष इस बात को प्रमाणित नहीं कर पाया कि इजहार की ओर से कभी भी खुशियाना को दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया है। सभी गवाहों को सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनी शुक्ला ने मामले में इजहार आलम को दोषमुक्त करार दिया।