मैं किसी से नहीं डरता, न ही किसी को मुझसे डरने की जरूरत, कांग्रेस में गुटबाजी के आरोप पर बोले थरूर

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मल्लपुरम, एजेंसी। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मंगलवार को अपने मालाबार दौरे को जारी रखते हुए यहां पनक्कड़ में यूडीएफ-सहयोगी आईयूएमएल के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई। वहीं मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया को संबोधित किया और अपने ऊपर लगे आरोप को लेकर जवाब दिया। मालाबार दौरे को लेकर जब मीडिया ने सवाल किया कि आपके इस दौरे से किसे डर था? तो उन्होंने जवाब दिया कि न ही वह किसी से डरते हैं और न ही किसी को मुझसे डरने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके ऊपर गुटबाजी के जो आरोप लग रहे हैं वे बेबुनियाद हैं।
दरअसल, कांग्रेस नेता शशि थरूर के विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने और सार्वजनिक हस्तियों से मिलने के लिए चल रहे मालाबार दौरे ने कांग्रेसियों के कान खड़े कर दिए हैं। केरल में कांग्रेस के एक महत्वपूर्ण वर्ग में से कुछ ने तिरुवनंतपुरम सांसद के कदम के पीटे एक एजेंडा भांप लिया है। राज्य कांग्रेस में एक नए थरूर समूह के उभरने के संकेत मिल रहे हैं और उनके समर्थक उन नेताओं के खिलाफ खुलकर सामने आ गए हैं, जिन्होंने कथित रूप से संघ परिवार और धर्मनिरपेक्षता को चुनौती पर आयोजित एक सेमिनार पर अघोषित प्रतिबंध लगाया था। अब इन्हीं अटकलों को जवाब देते हुए थरूर ने कहा कि न ही वह किसी से डरते हैं और न ही किसी को मुझसे डरने की जरूरत है।
पार्टी में थरूर के विरोधियों को लगता है कि अपने कार्यक्रमों के जरिए वह राज्य में सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले एलडीएफ के शासन को समाप्त करने के लिए 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए खुद को कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के आदर्श मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। चूंकि यह मुद्दा कांग्रेस की राज्य इकाई में उछलता रहा, पार्टी के वरिष्ठ नेता और वाटकारा के सांसद के मुरलीधरन ने अपने थरूर का समर्थन करते हुए कहा कि यूथ कांग्रेस द्वारा उस कार्यक्रम को रद्द करने के पीटे एक साजिश थी, जिसमें थरूर को भाग लेना था।
वरिष्ठ नेताओं के थरूर के पक्ष में बयान जारी करने के साथ केपीसीसी प्रमुख के सुधाकरन ने सोमवार को पार्टी नेताओं को अपनी राय सार्वजनिक रूप से प्रसारित करने से रोक दिया। उन्होंने इन खबरों को भी निराधार बताया कि थरूर को सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होने से रोक दिया गया था। सुधाकरन ने कहा कहा कि थरूर ने भी इसका खंडन किया है। इससे पहले केपीसीसी के पूर्व अध्यक्ष और दिग्गज कांग्रेसी नेता के करुणाकरन के बेटे मुरलीधरन ने कहा कि कार्यक्रम में भाग लेने वाले कांग्रेस सदस्यों पर प्रतिबंध उन लोगों द्वारा लगाया जा सकता है जो केरल में पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बनना चाहते हैं और हो सकता है राज्य में थरूर की गतिविधियों से खतरा महसूस कर रहे हैं।
गौरतलब है कि राज्य में युवाओं और छात्रों के बीच तिरुवंतपुरम से सांसद शशि थरूर का दबदबा बढ़ रहा है। वहीं, इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने कहा कि विधानसभा चुनावों में लगातार दो हार के बाद पार्टी वापसी की राह पर है। ऐसे में किसी के द्वारा किसी भी समानांतर गतिविधियों को वहन करना पार्टी के लिए स्वस्थ संकेत नहीं है।
सूत्रों ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का एक गुट 2026 के विधानसभा चुनावों में खुद को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करने के शशि थरूर के राजनीतिक कदम से नाराज था। ये तब साफ हुआ जब तिरुवनंतपुरम के सांसद को निशाना बनाते हुए वी डी सतीसन के कड़े बयान दिया। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सतीशन ने शशि थरूर का नाम लेते हुए कहा कि भले ही नेता पार्टी से जुड़े कई मामलों पर एकमत नहीं हैं, लेकिन वे स्पष्ट रूप से राज्य में थरूर की बड़ी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को रोकने के लिए एक साथ आए हैं।

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