रुद्रपुर। मूल निवासी कर्मचारी कल्याण महासंघ ने मंगलवार को अपनी 19 सूत्रीय मांगों के समर्थन में प्रदेशव्यापी ज्ञापन अभियान चलाते हुए रुद्रपुर में जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। उत्तराखंड अनुसूचित जाति-जनजाति शिक्षक एसोसिएशन के प्रांतीय आह्वान पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी, उपनल व संविदा कर्मियों ने भाग लिया। महासंघ ने अपनी मांगों को सामाजिक न्याय, संवैधानिक अधिकारों, आरक्षण व्यवस्था, सेवा सुरक्षा और अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के शैक्षिक व सामाजिक उत्थान से जुड़ा बताते हुए सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में छात्रवृत्ति राशि बढ़ाने, न्यायमूर्ति इरशाद हुसैन आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने, लंबित पदोन्नतियों का निस्तारण, पदोन्नति में आरक्षण, बैकलॉग रिक्तियों की पूर्ति, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, स्वच्छकर्मियों के नियमितीकरण तथा संविदा व आउटसोर्स सेवाओं में आरक्षण लागू करने सहित 19 प्रमुख मांगें शामिल हैं।
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि ज्ञापन की प्रतियां राज्यपाल, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को भी भेजी गई हैं। उन्होंने कहा कि संगठन समस्याओं के समाधान के लिए संवाद और वैधानिक प्रक्रिया को प्राथमिकता दे रहा है, लेकिन यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की तो 20 जून से पहले सचिवालय स्तर पर अपनी बात रखी जाएगी। इसके बाद भी मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर सितंबर के अंतिम सप्ताह अथवा अक्तूबर के प्रथम सप्ताह में मुख्यमंत्री आवास तक प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम में उत्तराखंड अनुसूचित जाति-जनजाति शिक्षक एसोसिएशन के प्रांतीय उपाध्यक्ष चितरंजन देव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र, रंजीत सिंह राणा, जितेंद्र सिंह, सत्यप्रकाश, सुरेश बाबू, महेश कुमार, इंद्रपाल, देवेंद्र कुमार और राजू गौतम सहित शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का नेतृत्व महासंघ की जिलाध्यक्ष एवं कुमाऊं मंडल कोषाध्यक्ष नीलिमा कोहली ने किया।