आईएमडी का पूर्वानुमान, 22 जुलाई तक देश के कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश के आसार

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-बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के असर से मानसून होगा सक्रिय, कई राज्यों में चेतावनी
नई दिल्ली, मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में बना लो-प्रेशर एरिया अगले 12 घंटों में और अधिक सक्रिय हो सकता है. इससे 22 जुलाई तक पूर्वी, मध्य और उत्तर-पश्चिमी भारत में बड़े पैमाने पर बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने कहा कि यह सिस्टम उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल के गंगा क्षेत्र से होते हुए उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा, जबकि 19 जुलाई से वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से भी उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश बढ़ने की उम्मीद है.
एल नीनो एक जलवायु संबंधी घटना है जो तब होता है जब पारंपरिक हवा कमजोर हो जाती है, जिससे सेंट्रल और ईस्टर्न ट्रॉपिकल पैसिफिक ओशन में समुद्र की सतह का तापमान बढ़ जाता है. मौसम एजेंसियों का कहना है कि यह घटना पिछले महीने और मजबूत हुआ है, जिसमें समुद्र की सतह के तापमान में 1 डिग्री सेटीग्रेड से ज़्यादा का अंतर है.
एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि मजबूत होता एल नीनो समुद्रों और क्लाइमेट चेंज से पहले से ही गर्म हो चुके एटमॉस्फियर पर बन रहा है, जिससे आने वाले महीनों में एक खास तौर पर मजबूत इवेंट की संभावना बढ़ गई है. इससे वैश्विक तापमान बढ़ सकता है और कई इलाकों में बारिश के पैटर्न में रुकावट आ सकती है.
भारत के लिए इसका असर कमजोर और असमान साउथ-वेस्ट मॉनसून, लंबे समय तक सूखा, गर्मी का बढ़ता स्ट्रेस, पानी के रिसोर्स और खेती पर दबाव और खाने की चीज़ों की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकता है. कमजोर मॉनसून हवा के कारण केरल में भी नॉर्मल से कम मौसमी बारिश हो सकती है.
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश बढ़ने की उम्मीद है. दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 16 से 20 जुलाई के बीच कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है, जबकि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में 18 जुलाई से अच्छी-खासी बारिश होने की उम्मीद है.
मौसम विभाग ने 20-21 जुलाई को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है, साथ ही आंधी-तूफान और 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी है.
मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 22 जुलाई तक मॉनसून एक्टिव रहने की संभावना है. 18-19 जुलाई को पूर्वी मध्य प्रदेश और 16-17 जुलाई को छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की उम्मीद है, जबकि पूरे इलाके में तेज़ हवा के साथ गरज के साथ बारिश होने की भी उम्मीद है.
पूर्वी भारत में सबसे ज़्यादा बारिश होने की उम्मीद है. ओडिशा में 16 जुलाई को कुछ जगहों पर बहुत ज़्यादा भारी बारिश का अनुमान है, जबकि पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अगले कुछ दिनों में भारी से बहुत ज़्यादा बारिश होने की संभावना है.बारिश के साथ गरज और तेज हवा चल सकती हैं.
अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा में 22 जुलाई तक बड़े पैमाने पर बारिश होने की संभावना है. कई राज्यों में भारी बारिश की उम्मीद है, जिसमें अरुणाचल प्रदेश में 16 जुलाई को बहुत ज़्यादा बारिश हो सकती है.
कोंकण और गोवा में 22 जुलाई तक खूब बारिश होने की उम्मीद है, जबकि गुजरात, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में कहीं-कहीं या कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है. महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी गरज के साथ बारिश होने की उम्मीद है.
केरल और माहे में 17 से 20 जुलाई के बीच खूब बारिश होने की संभावना है, जबकि तटीय कर्नाटक में 18 से 21 जुलाई तक खूब बारिश होने की उम्मीद है. तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में थोड़ी-बहुत बारिश होती रहेगी. हालांकि, 16 जुलाई को तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में हीट वेव की स्थिति हो सकती है, साथ ही दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में भी गर्म और नमी वाला मौसम रहने की उम्मीद है.
22 जुलाई तक पूर्वी, मध्य और उत्तर-पश्चिमी भारत में बड़े पैमाने पर बारिश होने के आसार हैं. आईएमडी ने कहा कि सिस्टम उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल में उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा, जबकि पश्चिमी विक्षोभ के कारण 19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश बढ़ने की भी उम्मीद है.

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